देश के नामचीन और होनहार नेता राहुल गांधी जी के बारे में जितना लिखा जाये उतना कम है. उनकी समझदारी के किस्से जगज़ाहिर हैं. अपनी प्रतिभा के दम पर गांधी परिवार का यह वंशज आये दिन न्यूज़ पेपर और टीवी चैनल्स की हेडलाइनों को लूटने में कामयाब हो ही जाता है. हाल ही में राहुल गांधी ने उत्तराखंड में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘मेरा कुर्ता या उसका पॉकेट फटा हो, तो मुझे फ़र्क नहीं पड़ता, लेकिन मोदी जी का कपड़ा कभी नहीं फटा होगा और वो गरीबों की राजनीति करते हैं.’

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इस वीडियो के आते ही ट्विटर, फेसबुक से लेकर सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफ़ॉर्मस और मेनस्ट्रीम मीडिया में यह खबर छा गई थी. लोगों ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफ़ी व्यंग्य भी कसे. कुछ लोग तो इससे भी आगे गुजर गये.

गाजियाबाद के एक व्यक्ति ने राहुल गांधी के नाम 100 रुपये का एक डिमांड ड्राफ्ट भेजा, ताकि वो अपना फटा हुआ कुर्ता सिलवा सकें. इस घटना के अगले दिन ही वाराणसी के सेशन कोर्ट में काम करने वाले एक वकील दिनेश कुमार दीक्षित ने राहुल गांधी को एक लिफ़ाफे में 100 रुपये का नोट और एक ख़त लिख कर भेजा है.

इस ख़त में लिखा है कि ‘मुझे आपकी रैली का वीडियो देख कर पता चला कि आपका कुर्ता फटा हुआ है. इससे पता चलता है कि विमुद्रिकरण के बाद आपको किस मुफ़लिसी में जीना पड़ रहा है. ऐसे में आपके सामने महंगी विदेश यात्राओं के अलावा और भी काम करने के लिए पैसों की दिक्कत आ रही होगी. मैं ज़्यादा तो नहीं कर सकता, लेकिन आपके कुर्ते को रफ़ू करवाने के लिए यह धनराशि भेज रहा हूं.’

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राहुल गांधी पिछले कुछ समय से काफ़ी एक्टिव नज़र आ रहे हैं, लेकिन बेचारे जब भी कुछ करने जाते हैं, लोग उनकी भावनाओं को नज़रअंदाज़ करके मुद्दे को किसी और ही दिशा में ले जाते हैं. हमारा तो राहुल बाबा से बस ये ही कहना है, आप अपने काम में लगे रहिए, आज नहीं तो कल आपके भी अच्छे दिन ज़रुर आ ही जायेंगे.