कोरोना वायरस के चलते इस साल करोड़ों लोगों की नौकरियां गई हैं. लोग गुज़ारा करने के लिए सब्जी का ठेला लगाने से लेकर चाय बचने को मजबूर हैं. पुणे शहर की कुछ महिलाएं भी कोरोना महामारी की मार झेल रही हैं. किसी की नौकरी चली गई, तो किसी का व्यवसाय ठप पड़ गया है. ख़ुद को इस मुश्किल समय से निकालने के लिए अब कोई सजावटी दिया बेच रहा है तो कोई घर के बने नमकीन और मिठाईयां.

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ये Sophia Borate हैं जिनको 'आर्ट और क्राफ़्ट' में ख़ासा लगाव है. वो दिवाली में सजावटी दीये बेच रही हैं. सोफ़िया ने इसकी शुरुआत अकेले ही की थी. मगर जल्द ही उनके पास भारी मात्रा में ऑर्डर आने लगे उनके साथ अन्य औरतें भी जुड़ गयीं, जिनकी लॉकडाउन में नौकरी चली गई थी.

सोफ़िया ने बताया कि, इन सजावटी दीयों की डिमांड बहुत ज़्यादा है और स्टॉक भी ख़त्म हो रहा है.  

पुणे की एक सिक्योरिटी फ़र्म में काम करने वाली अर्चना बलाल की नौकरी जाने के बाद वो अपनी दोनों ननद के साथ घर पर बनी हुई दिवाली की नमकीन और मिठाईयां बेच रही हैं. छोटे स्तर पर शुरू हुआ उनका ये काम आज उनकी कॉलोनी में काफ़ी प्रसिद्ध है. चिड़वा, शकरपारे, चकली जैसी दिवाली फराल के साथ-साथ वो घर पर बना हुआ उबटन का मिश्रण भी बेचती हैं.

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अर्चना का कहना है कि, इस काम ने न केवल उन्हें व्यस्त रखा, बल्कि उनके लिए एक आय का ज़रिया भी बन गया है. 

'रूचि स्पाइस एंड फ़ूड्स, कर्कटवाड़ी' की ओनर बसंती चवन के इस फ़ूड जॉइंट पर कोरोना की मार पड़ी है. काम पूरी तरह से बंद हो गया है तो बसंती और अन्य महिलाओं ने मिलकर 'दिवाली फराल' बना कर बेचना शुरू कर दिया है. आज मार्केट में इनकी फराल की काफ़ी डिमांड है.