देश के अलग-अलग हिस्सों से 'अतिरिक्त EVMs' की ढीली सुरक्षा के वीडियो आ रहे हैं.

EVM को लेकर आ रही ख़बरों के बीच उत्तर प्रदेश में एसपी और बीएसपी के कार्यकर्ता दिन-रात EVM स्ट्रॉन्ग रूम्स की रक्षा में जुटे हैं.


Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ में माहौल गर्म है. मेरठ के परतापुर इलाके में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी में एसपी-बीएसपी के कई कार्यकर्ता जुटे हैं. स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास दो टेन्ट लगाए गए हैं, 8-8 घंटे की शिफ़्ट में बायनॉकुलर्स लिए कार्यकर्ता लगातार स्ट्रॉन्ग रूम की 'चौकीदारी' कर रहे हैं.

Source: Times Of India

मेरठ के बीएसपी प्रेसिडेंट के शब्दों में,

हमने 11 अप्रैल की शाम को ही कैम्प लगा लिया था. उस दिन से अब तक हम स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी कर रहे हैं. महागठबंधन की तीनों पार्टियों से 18 समर्थक हैं. सबको Pass दिया गया है और वो स्ट्रॉन्ग रूम के पास जा सकते हैं.

- सुभाष प्रधान

Source: New Indian Express

Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, टैंट में गद्दे लगे हैं जो समर्थकों का बिस्तर है. मई की गर्मी से बचने के लिए कूलर भी लगाया गया है.


कुछ समर्थक ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फ़ुटेज पर टेन्ट से ही नज़र रख रहे हैं. किसी भी संदेहजनक घटना को समर्थक अपने पार्टी लीडर को बताते हैं, जो चुनाव आयोग अधिकारियों को रिपोर्ट करते हैं.

Source: Indian Express

समाजवादी पार्टी समर्थक ने Times of India को बताया,

टेंट स्ट्रॉन्ग रूम से लगभग 200 मीटर की दूरी पर लगाया गया है. बायनॉकुलर्स और नाइट विज़न से नज़र रखने में सुविधा हो रही है. कुछ दिनों पहले हमने दो संदिग्धों को स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास देखा. हमने लोकल अधिकारियों को बताया. उनका कहना था कि वो मज़दूर हैं और मरम्मत के लिए आए हैं.

- शेरा जाट

Times of India कि रिपोर्ट के मुताबिक झांसी, मिर्ज़ापुर, गाज़ीपुर और चंदौली जैसे ज़िलों से EVM फ़्रॉड की घटनाएं सामने आई हैं.


सोशल मीडिया पर अतिरिक्त EVMs के वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में अतिरिक्त EVMs के वीडियोज़ को बेबुनियाद बताया है और देशवासियों को आश्वासन दिया कि EVMs सुरक्षित हैं.