आज से केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस के तहत ढाई महीने बाद देशभर के सभी मॉल खुल गए हैं. इस दौरान यूपी की राजधानी लखनऊ में भी मॉल तो खुल गए हैं, लेकिन मॉल के अंदर की सभी दुकानें बंद रहेंगी.  

यूपी की राजधानी लखनऊ में ही नहीं, बल्कि राज्य के कई अन्य ज़िलों में भी मॉल तो खुल गए हैं, लेकिन मॉल के अंदर की दुकानें फ़िलहाल बंद ही रहेंगी. 

क्या है इसकी असल वजह? 

दरअसल, प्रदेश के 'आदर्श व्यापार मंडल' के सभी व्यापारियों ने मिलकर ये फ़ैसला किया है कि, वो मॉल के अंदर की दुकानें नहीं खोलेंगे. दुकानदारों ने शॉपिंग मॉल मालिकों के समक्ष कुछ मांगें रखी हैं. जब तक ये पूरी नहीं हो जाती वो दुकानें नहीं खोलेंगे. 

आख़िर क्या हैं व्यापारियों की ये मांगें? 

1- सभी दुकानदारों ने लॉकडाउन के दौरान का किराया और एरिया मेंटेनेंस शुल्क माफ़ करने की मांग की है. 
2- व्यापारियों ने प्रशासन व शॉपिंग मॉल मालिकों से अगले 12 महीने तक का किराया और मेंटिनेंस फ़ीस पर सब्सिडी देने की मांग भी की है.  

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यूपी के व्यापारियों का कहना है कि, अगर उनकी ये दो मांगें नहीं मानी गई तो आगे भी लखनऊ के मॉल्स में दुकानों की शत प्रतिशत बंदी देखने को मिलेगी.  

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'उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल' के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि, इस मुहिम से अब तक क़रीब 100 कारोबारी जुड़ चुके हैं. ऐसे में आगे भी अधिकतर दुकानें बंद ही रहने वाली हैं. व्यापारियों का फ़ैसला है कि इस समस्या के समाधान के बाद ही वो दुकानें खोलेंगे. 

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