कई बार ऐसा होता है जब हम घर की सफ़ाई करते हुए पुराने फ़ोटो एल्बम, स्कूल स्क्रैप बुक जैसी किसी चीज़ से टकरा जाते हैं, तो पुराना समय एक बार फिर से आंखों के सामने आ जाता है. यादों के झरोखों में देखना हमें कितना अच्छा लगता है.

कोई जो बहुत भाग्यशाली होता है, कभी-कभी वो अपने पूर्वजों के ख़जाने से भी टकरा जाता है. ये ज़रूरी नहीं कि ख़जाना सिर्फ़ हीरे-मोती और गहनों का हो. वो कुछ भी दुर्लभ हो सकता है. ऐसा ही कुछ OKListen के संस्थापक, विजय बसरुर के हाथ आया जब वो अपनी मां के समान की साफ़-सफ़ाई कर रहे थे.

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विजय के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब उन्हें अपने दादा की ऑटोग्राफ़ बुक सही-सलामत मिली. जब उन्होंने इसे खोला तो महात्मा गांधी, सीवी रमन, बीआर अंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू जैसे दिग्गजों के हस्ताक्षर पाए. उन्हें इस ऑटोग्राफ़ बुक के होने का अंदाज़ा भी नहीं था, जो तक़रीबन 30 सालों से उनके घर में था.   

उन्होनें ट्विटर पर इन हस्ताक्षरों को शेयर करते हुए पूरी बात बताई. 

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