एक मेरे दोस्त हैं जो सालों पहले किया वादा तो छोड़ो, कल हुई बात-चीत तक को भूल जाते हैं और एक ये दोस्त हैं, जिन्होंने 28 साल पहले किये प्रॉमिस को पूरा कर दिया. ख़ैर बात भी छोटी-मोटी नहीं है. पूरे ₹165 करोड़ का सवाल है. 

साल 1992 में अमेरिका के दो दोस्त टॉम कुक और जो फ़ीनी ने हैंडशेक कर प्रॉमिस किया कि दोनों में से अगर कोई भी, कभी भी लॉटरी जीतता है, तो दोनों लोग पैसा बराबर-बराबर बांट लेंगे. 

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आज लगभग 28 साल बाद टॉम कुक को $22 मिलियन (भारत के लगभग ₹165 करोड़) की लॉटरी लगी, तो उसने तुरंत अपने दोस्त फ़ीनी को फ़ोन घुमाया और उसे आधी रकम देने का फ़ैसला किया. फ़ीनी को तो यक़ीन ही नहीं हुआ. 

फ़ीनी एकदम चौंक कर बोले, "मज़ाक कर रहे ना बे?" जिस पर टॉम कुक ने बोला, "हैंडशेक तो हैंडशेक है यार!" 

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लॉटरी जीतने के बाद कुक रिटायर हो गए, जबकि फ़ीनी पहले से ही रिटायर थे. कुक कहते हैं, "अब हम जो मन में आये कर सकते हैं. रिटायर होने के लिए इससे अच्छा तरीका नहीं हो सकता." 

पता नहीं इतने सही दोस्त लोगों को मिल कैसे जाते हैं. मेरे दोस्त तो मुझसे अपना नेटफ़्लिक्स का पासवर्ड भी शेयर नहीं करते.