मैक्स हॉस्पिटल के एक स्टैन्डी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस स्टैन्डी में COVID-19 मरीज़ों के इलाज की कीमत उल्लिखित है.

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Source: Free Press Journal

ये कीमत इतनी ज़्यादा है कि आम इंसान का यहां इलाज करवा पाना बहुत मुश्किल है. आम जनता की राय है कि जिस समय में देश की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो रखी है, लोग भूख से मर रहे हैं, कोरोना वायरस के कैसेज़ तेज़ी से बढ़ रहे हैं और सरकारी हॉस्पिटल्स के पास उनसे निपटने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं, उस समय में प्राइवेट अस्पतालों का मरीज़ों से इतना पैसा लेना कहां तक जायज़ है.

ट्विटर पर हंगामे के बाद मैक्स हॉस्पिटल ने स्पष्टीकरण देते हुए ट्वीट किया कि 'ये तस्वीर मैक्स पटपड़गंज की है, न कि मैक्स गुडगांव की. ये तस्वीर सारे तथ्यों को सामने नहीं रखती है. इस कॉस्ट में रूटीन टेस्ट, रूटीन दवाइयां, नर्स और डॉक्टर के चार्जेज़ भी शामिल किये गए हैं'. 

भारत में कोरोना वायरस के कैसेज़ तेज़ी से बढ़ रहे हैं. 24 मई को भारत टॉप 10 देशों की लिस्ट में था. सिर्फ़ 18 दिनों में इटली और स्पेन जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए हम विश्व में चौथे नंबर पर आ गए हैं. ऐसी स्थिति में सरकार, मेडिकल जगत और बुद्धिजीवियों को युद्ध स्तर पर फैसले करने होंगे. हमें कुछ भी कर के इस महामारी को हराना होगा, नहीं तो ये बीमारी इतना विकराल रूप ले लेगी कि हम सोच भी नहीं सकते हैं.