गुरुग्राम नगर निगम के आदेश पर अब से मंगलवार को गुरुग्राम शहर में मीट की सभी दुकानें बंद रहेंगी. अब शहर भर में मीट के शौकीनों को हफ़्ते में एक दिन बिना चिकन-मटन के ही रहना होगा.

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बीते गुरुवार को गुरुग्राम के सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी ज़िला परिषद भवन (जॉन हॉल) में को नगर निगम के सदन की सामान्य बैठक आयोजित की गई थी. इस दौरान कुछ पार्षदों ने हाउस मीटिंग में धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए ये मुद्दा उठाया था. लंबे विचार-विमर्श के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.  

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नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक़, गुरुग्राम में कुल 129 मीट की लाइसेंसी दुकानें हैं, जिनमें 150 से अधिक अवैध रूप से चल रही हैं. हरियाणा नगर निगम, 2008 के प्रावधानों के तहत राज्य भर में किसी भी नगर निगम के पास तत्काल प्रभाव से सप्ताह में 1 दिन मीट की दुकानें बंद करने की पावर है. 

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लाइसेंस फ़ीस और जुर्माने में वृद्धि 

बैठक में लाइसेंस फ़ीस 5,000 से बढ़ाकर 10,000 तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. जबकि अवैध मीट की दुकानों पर लगाए गए जुर्माने को 500 से बढ़ाकर 5,000 करने के फ़ैसले को भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है. 

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भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है 

गुरुग्राम नगर निगम के इस फ़ैसले पर आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है. किसी को इस तरह के मुद्दों को नहीं उठाना चाहिए, आप मंगलवार को मांस की दुकानों को बंद करने में विश्वास कर सकते हैं. लेकिन मेरी राय में ये एक व्यक्तिगत पसंद है. जब घरों में इस मुद्दे पर मतभेद होते हैं, तो सदन को पूरे शहर के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले इसे एक गंभीर विचार देना चाहिए.  

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बता दें कि 'गुरुग्राम नगर निगम' ने नए वित्त वर्ष में 4899 करोड़ रुपये की आय और 2538 करोड़ रुपये के व्यय का लक्ष्य रखा है. इस अवसर पर विकास से संबंधित विभिन्न एजेंडों पर चर्चा की गई. चर्चा के दौरान सभी पार्षदों ने अपने अहम सुझाव भी हमारे समक्ष रखे.