हमारा देश इन दिनों पानी के गहरे संकट से गुज़र रहा है. नीति आयोग की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 21 शहरों में साल 2020 तक भू-जल ख़त्म हो जाएगा. ये समसया इतनी गंभीर हो चुकी है कि बुंदेलखंड में पानी की कमी के चलते लोग शहरों की ओर पलायन करने लगे हैं. मतलब साफ़ है, अगर हमें भविष्य के लिए पानी बचाना है, तो हमें तुरंत ही कोई एक्शन लेना होगा.

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अलीगढ़ के रिंकू शर्मा उन चंद लोगों में से एक हैं, जो पानी को बचाने की मुहिम में जी-जान से लगे हुए हैं. कभी इनका इलाका पीने के पानी के लिए तरस रहा था. इसका हल निकालने के लिए रिंकु ने अलीगढ़ के चंडौस ब्लाक में करीब एक दर्जन तालाब बना दिए.

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ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिंकू शर्मा ने चंडौस ब्लाक के कई गांवों में घूम-घूम कर लोगों को जल-संरक्षण करने के लिए जागरुक किया. 8-10 साल पहले शुरु की गई उनकी ये मुहिम रंग लाई. उन्होंने लोगों के साथ मिलकर कई पुराने तालाबों का जीर्णोंद्धार किया. साथ ही मनरेगा के तहत कई नए तालाब भी खुदवाये.

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ये उनकी लगन ही है कि आस-पास के लोग ख़ुद चलकर आते हैं और अपने गांव में तालाब बनवाने की बात कहते हैं. चंडौस ब्लॉक के गांवों को जल संकट से निकाल लाने के चलते ही लोग उन्हें 'वाटरमैन' कहकर पुकारते हैं.

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रिंकू ने इस बारे में बात करते हुए कहा- 'हमने इसे 8-9 साल पहले शुरू किया था क्योंकि भू-जल स्तर लगातार घट रहा था. इसलिए मैंने वर्षा जल का संरक्षण करने के लिए तालाब बनाना शुरु किया. अब लोग हमारे पास मदद मांगने आते हैं और हमारे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ गया है.'

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रिंकू की तारीफ़ करते हुए एक ग्रामीण ने कहा- 'कभी हमारा एरिया सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया था. मगर रिंकू जी के प्रयासों के चलते आज यहां का भूजल स्तर काफ़ी तेज़ी से बढ़ा है.'

रिंकू शर्मा से सूखा प्रभावित देश के दूसरे हिस्सों को भी सबक लेना चाहिए. क्योंकि जल है तो कल है.