तमिलनाडु में करीब 4 सालों से एक मां-बेटी सरकारी नौकरी पाने के लिए तैयारी कर रही थीं. अब जाकर उनका सपना पूरा हुआ है. ये ख़ुशी उस वक़्त दोगुनी हो गई, जब उन्हें पता चला कि दोनों को एक साथ ही सरकारी नौकरी के लिए चुना गया है.

कहानी ज़रा फ़िल्मी लग रही है, लेकिन बिलकुल सच है. एक साथ तमिलनाडु राज्य सेवा आयोग की परीक्षा पास कर नौकरी पाने वाली मां-बेटी का नाम है शांतिलक्ष्मी (47) और थेनीमोझी (27).

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शांतिलक्ष्मी राज्य के थेनी ज़िले में रहती हैं. 15 साल की उम्र में ही इनकी शादी हो गई थी. इनके पति एक किसान थे. शादी के बाद भी शांतिलक्ष्मी पढ़ना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने पत्राचार के ज़रिये पहले 10वीं और फिर 12वीं की परीक्षा पास की.

इसके बाद शांतिलक्ष्मी ने डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से ही साल 2010 में बी.ए. की डिग्री हासिल कर ली. इसके चार साल बाद इनके पति की मौत हो गई पर शांतिलक्ष्मी ने घर और बाहर की ज़िम्मेदारी बड़े ही अच्छे से निभाई.

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चार साल से कर रही थी तैयारी

हमेशा से ही उनका सपना था कि वो पढ़-लिख कर अपने पैरों पर खड़ी हों. इसी सपने को साकार करने के लिए शांतिलक्ष्मी ने सरकारी नौकरी की तैयारी करनी शुरू की. हर बार वो पास भी हो जाती थीं, लेकिन इंटरव्यू वाले राउंड में उन्हें निराश होना पड़ता था.

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मां-बेटी साथ जाती थी कोचिंग

इस बार उनके पास में ही एक कोचिंग सेंटर ने उन्हें फ़्री में कोचिंग दी. यहां उनकी बेटी थेनीमोझी भी उनके साथ जाती थीं. बच्चों की ज़िम्मेदारी के चलते वो कोचिंग के लिए लेट हो जाती थीं और शाम को जल्दी वापस आ जाती थीं. इस बीच की जो क्लास होती थी उसके बारे में रात के भोजन के बाद उनकी बेटी उन्हें बताती थीं. सुबह उठकर वो उसी पाठ को याद कर अपनी बेटी को पढ़ाती थीं.

इस तरह दोनों ने दिन-रात एक कर मेहनत की और राज्य सेवा आयोग की परीक्षा पास कर ली. शांतिलक्ष्मी को स्वास्थय विभाग और उनकी बेटी को राज्य सरकार के हिंदू धर्मार्थ विभाग में नौकरी मिली है.