दुनिया के 200 से अधिक देश कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. अमेरिका, इटली, स्पेन, और ब्रिटेन इस ख़तरनाक वायरस के कहर से हालात गंभीर हैं. दुनियाभर में अब तक 1,274,543 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 69,487 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

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इस ख़तरनाक वायरस से निपटने के लिए दुनिया के कई देशों द्वारा अपने यहां लॉकडाउन किया गया है. पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के नाम से लॉकडाउन से जुड़ा एक फ़ेक मैसेज ख़ूब वायरल हो रहा है.

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इस मैसेज में बताया गया है कि WHO ने दुनियाभर में चार चरणों में लॉकडाउन का प्रोटोकॉल जारी किया है. पहले चरण में ये 1 दिन के लिए होगा. जबकि दूसरे चरण में 21 दिनों के लिए. इसके बाद 5 दिन का ब्रेक दिया जायेगा. तीसरे चरण में इसे 28 दिनों के लिए किया जायेगा. फिर 5 दिन का ब्रेक दिया जायेगा. जबकि आख़िरी और चौथा चरण में 15 दिनों के लिए लॉकडाउन किया जायेगा.

भारत भी कर रहा है इसे फ़ॉलो

इस फ़ेक मैसेज में ये भी कहा गया है कि WHO के इस निर्देश को भारत सरकार भी इसे फ़ॉलो कर रही है. इसी लिए सरकार ने सबसे पहले 22 मार्च को 1 दिन के लिए लॉकडाउन किया था. इसके बाद 24 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई. 15 अप्रैल से 19 तक लोगों को लॉकडाउन से राहत दी जाएगी. फिर 20 अप्रैल से 18 मई तक 28 दिनों के लॉकडाउन होगा.

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इस तरह से भारत में कोरोना वायरस का असर लगभग ख़त्म हो जायेगा. इसके साथ ही लॉकडाउन भी ख़त्म किया जा सकता है. अगर कोरोना का असर थमा नहीं तो लॉकडाउन जारी रहेगा. चौथे चरण से पहले लोगों को 19 मई से लेकर 24 मई तक लॉकडाउन से राहत दी जाएगी. इसके बाद 25 मई से 10 जून तक 15 दिनों के लिए आख़िरी लॉकडाउन किया जायेगा.

क्या है इसकी सच्चाई?

PIB ने WHO के नाम से फैलाये जा रहे इस मैसेज को पूरी तरह से फ़ेक बताया है. भारत सरकार लॉकडाउन से जुड़े इस तरह के किसी भी निर्देश को भारत में लागू नहीं जा रही है. कृपया इस तरह के फ़ेक मैसेज पर ध्यान न दें.

'WHO दक्षिण-पूर्व एशिया' ने भी स्पष्ट किया कि उन्होंने लॉकडाउन से जुड़ा कोई प्रोटोकॉल जारी नहीं किया है. सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा मैसेज पूरी तरह से फ़ेक है.

नोट: अगर आपके फ़ेसबुक या Whatsapp पर भी इस तरह का कोई मैसेज आए तो कृपया इसे शेयर करें. इससे देश का माहौल ख़राब हो सकता है.