साल 2018 में हुआ Cambridge Analytica Scandal तो याद ही होगा आपको. इसमें फे़सबुक पर अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगा था. इन दिनों भारत में भी चुनाव चल रहे हैं और गाहे-बगाहे चुनाव प्रणाली यानी कि ईवीएम पर सवाल उठने लगते हैं. लेकिन भविष्य में शायद ऐसा नहीं होगा. चुनावों को फ़ुल-प्रूफ़ बनाने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी एक ऐसा सॉफ़्टवेयर डेवलप कर रही है, जिससे आपने किसे वोट किया है, इसे आखिर तक ट्रैक कर सकेंगे.

इस नए सॉफ़्टवेयर का नाम है 'ElectionGuard'. इसे Build 2019 सॉफ़्टवेयर डेवलपर कॉन्फ्रे़ंस में सबके सामने पेश किया गया. सत्या नाडेला ने इसके बारे में बात करते हुए कहा कि इस नई टेक्नोलॉजी के ज़रिए लोग अपने वोट को हर स्टेप पर ट्रैक कर सकेंगे.

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इस सॉफ़्टवेयर में बैलेट पेपर की जगह यूनीक कोड वाला इनक्रिप्टेड बैलेट का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके ज़रिए वोटर को ये जानकारी हो सकेगी कि उन्होंने किसे वोट डाला और उनका वोट किसे गया है. उनकी प्राइवेसी भी कभी रिवील नहीं होगी, क्योंकि ट्रैकर हमेशा Encrypted रहते हैं.

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इतना ही नहीं संदेह की स्थिति में इसकी मदद से बहुत ही कम समय में फिर से चुनाव भी कराए जा सकते हैं. माइक्रोसॉफ़्ट के एक प्रवक्ता ने इस बारे में अपने ब्लॉग में भी लिखा है. इनके मुताबिक, ये प्रणाली शुरू से लेकर आखिरी तक चुनावों का सत्यापन करने में सक्षम होगी. सरकार या फिर कोई थर्ड पार्टी आसानी से चुनावों का सत्यापन कर सकेगी. वोटर्स को भी ये जानने का मौका मिलेगा कि उनके वोट की गिनती सही हुई है कि नहीं.

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माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी Defending Democracy नाम के प्रोग्राम के तहत इस नई प्रणाली पर काम कर रही है. सत्या नाडेला का कहना है कि अमेरिका में होने वाले 2020 के चुनावों तक इसे तैयार कर लिया जाएगा.