मिज़ोरम के हाईवे पर ऐसी बहुत सी दुकानें हैं जो बिना दुकानदारों के चलती हैं. ये न सिर्फ़ लोगों तक सामान पहुंचा रही हैं बल्कि पूरी दुनिया को एक सबक भी दे रही हैं. ये सबक है विश्वास का, जिसके भरोसे ये सारी दुकानें चल रही हैं.

मिज़ोरम की राजधानी आईज़ोल से कुछ घंटों की दूरी पर है सेलिंग शहर. यहां के हाईवे पर आपको बिना शॉपकीपर वाली बहुत सी दुकानें देखने को मिल जाएंगी. इनमें ज़रूरत का सामान रखा होता और साथ ही एक बॉक्स, जिसमें लोग स्वयं ही ईमानदारी से उसके पैसे बॉक्स में डाल देते हैं.

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Source: tripoto

वास्तव में ये एक परंपरा है जिसका पालन यहां के स्थानीय लोग वर्षों से करते आ रहे हैं. इसे 'नगहा लो डावर संस्कृति' कहते हैं. मिज़ोरम के इस अनोखे कल्चर की तस्वीरें अकसर सोशल मीडिया पर वायरल होती है रहती हैं.

इस बार एक एनजीओ ने इसकी एक तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है. उन्होंने इसे शेयर करते हुए लिखा- 'दुकानें बिना दुकानदारों के. यहां आप सामान ख़रीदें और उसकी क़ीमत पास रखे डिपॉजिट बॉक्स में रख दें. ये दुकानें भरोसे के सिद्धांत पर काम करती हैं.'

सोशल मीडिया पर लोग इस पर मज़ेदार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. आप भी देखिए:

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