देश में चौथे चरण के मतदान चल रहे हैं. कांदिवली में मतदान के लिए लगी लाइन के इस वीडियो ने सभी को प्रेरित किया- 

वहीं, दूसरी दिशा में बंगाल के आसनसोल में भड़की हिंसा ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, आसानसोल के एक बूथ से बवाल शुरू हुआ. वहां मौजूद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता वोटिंग शुरू करने की मांग कर रहे थे, वहीं बीजेपी के कार्यकर्ता केन्द्रीय सेन्य बल के आने का इंतज़ार करने को कह रहे थे. 

NDTV के संवाददाता ने जब आसानसोल से तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी और बांकुड़ा की सांसद मुनमुन सेन से वोटिंग के बारे में पूछा, तो उनका जवाब था 

मुझे बेड टी काफ़ी लेट मिली तो मैं लेट उठी. मुझे कुछ नहीं पता है...

                    - मुनमुन सेन

मुनमुन सेन ने 2014 के लोक सभा चुनाव में बांकुड़ा से 9 बार सांसद रह चुके बासुदेव आचार्य को हराया. इस जीत के बाद मुन मुन को 'Giant Killer' नाम दिया गया. इतनी बड़ी जीत हासिल करने वाली सांसद का इस तरह का बयान अविश्वसनीय है. 

इस वीडियो पर आम जनता ने ये कहा: 

आसनसोल के एमपी बाबुल सुप्रियो ने कुछ पोलिंग बूथ की डिटेल्स ट्वीट की, जहां 'हिंसा और वोटर को गुमराह करने की घटनाएं' घटी थीं. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबुल सुप्रियो की पोलिंग अफ़सर से बहस हुई, इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी तोड़ दी.  

तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी पहले भी कारनामे कर चुके हैं. कुछ दिनों पहले तृणमूल के प्रत्याशी, डायमंड हार्बर क्षेत्र के एमपी और ममता बैनर्जी के रिश्तेदार अभिषेक बैनर्जी ने चुनाव प्रचार करने अपने पुतले को भेज दिया था.

बंगाल के आसनसोल में चौथे चरण के मतदान के दौरान लोकतंत्र का जिस तरह से मज़ाक उड़ाया गया है, वो कई प्रश्न खड़े करता है.