बचपन से ही दुनिया की विशालता का अंदाज़ा हमने वर्ल्ड मैप (विश्व मानचित्र) देखकर लगाया है. हालांकि, क़िताबों, पोस्टर्स और एटलस में छपने वाले वर्ल्ड मैप बिल्कुल सटीक नहीं होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पृथ्वी गोल है और उसके वर्ल्ड मैप को समतल सतह पर 100% सही तरीक़े से रेखांकित नहीं किया जा सकता है.  

Source: businessinsider.in

नक्शा बनाने वाले लगातार इस कोशिश में लगे थे कि एटलस और भूगोल की क़िताबों के सपाट पन्नों पर दुनिया को सही तरीक़े से दिखाया जा सके. अब एक नया नक्शा है आया है, जो सबसे सटीक होने का दावा करता है. ये किसी पुराने फ़ोनोग्राफ़ रिकॉर्ड या विनाइल एलपी जैसा दिखता है और दो तरफ़ा है. इस नए मानचित्र को प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में Astrophysics के प्रोफ़ेसर, जे. रिचर्ड गॉट के नेतृत्व में मानचित्र विशेषज्ञों की एक टीम ने विकसित किया है.

दो-तरफ़ा होने की वजह से ये 2D मैप की सीमाओं से परे, ग्लोब के दोनों पहलूओं को दिखाने में सक्षम है. Goldberg-Gott स्कोर की मदद से मानचित्रकों की सटीकता मापी जाती है. इस पर जितना कम स्कोर, उतना सटीक नक्शा. उदहारण के लिए इस पर ग्लोब का स्कोर 0 होगा.  

आमतौर पर क़िताबों और एटलस में दो तरह के Map Projections पाए जाते हैं, Winkel Tripel Flat Map Projection, जिसका स्कोर 4.563 है, और Mercator Projection, जिसका स्कोर 8.296 है. Gott, Robert Vanderbei और David Goldberg  द्वारा विकसित किया गया नया फ़्लैट मैप 0.881 का स्कोर हासिल करने में कामयाब रहा. दूरी को लेकर इस मानचित्र में सबसे कम त्रुटियां हैं. इस मामले में इस नक्शे ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

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आपके और मेरे लिए, नया नक्शा एक पेज के फ्रंट और बैक पर प्रिंट किया जा सकता है. इसे तैयार करने वाली टीम नए मानचित्र को कार्डबोर्ड या प्लास्टिक पर छापना चाहती है, ताकि उन्हें खोल कर एक साथ इस्तेमाल किया जा सके.