दिल्ली के मुखर्जी नगर में पुलिस द्वारा प्रताड़ित ऑटो चालक सरबजीत और उसके बेटे को लेकर एक नया ख़ुलासा हुआ है. इस घटना की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम को सरबजीत के आपराधिक बैकग्राउंड की जानकारी मिली है, जो बेहद चौंकाने वाली है.

Source: dnaindia

दरअसल, जिस सरबजीत को लोग बेचारा और पुलिस द्वारा प्रताड़ित बताकर न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, उसी सरबजीत के ख़िलाफ़ इसी साल 3 अप्रैल को मारपीट का मामला दर्ज कराया गया था. सरबजीत पर दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के एक सेवादार से मारपीट का आरोप है. सेवादार ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में सरबजीत के ख़िलाफ़ मारपीट का मामला दर्ज कराया था, जसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ़्तार भी किया था.

बंगला साहिब गुरुद्वारे के सेवादार मंगल सिंह द्वारा पुलिस में की गयी शिकायत के मुताबिक़, सरबजीत अपने बेटे के साथ कई दिन से गुरुद्वारे में रह रहा था. इस दौरान वो फ़र्जी पते और जानकारी के साथ रह रहा था. जब गुरुद्वारा प्रबंधक ने उससे इसकी वजह पूछी, तो सरबजीत वहां से भागने लगा. शक़ होने पर गुरुद्वारे के सेवादारों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनके साथ मारपीट की. पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, उसके ख़िलाफ़ 2006, 2007 और 2011 में भी हिंसा के लिए केस दर्ज हुआ है.

वहीं मुखर्जी नगर में भी सरबजीत को पुलिस वालों पर कृपाण से हमला करते हुए पाया गया था. इस दौरान उसने एक पुलिसवाले को ज़ख्मी भी कर दिया था. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 पुलिसवालों को भी सस्पेंड कर दिया.

दरअसल, वायरल वीडियो में सादे कपड़ों में जो शख़्स सरबजीत को रोकने और इसके हाथ से कृपाण छीनने की कोशिश कर रहे थे, वो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर योगराज थे. इस दौरान वो बुरी तरह से घायल हो गए थे. उन्हें सिर में गहरी चोट के बाद कई टांके भी लगे हैं.

'ASI योगराज ने इस घटना की आपबीती सुनाते हुए कहा, उस दिन ASI देवेंद्र इमरजेंसी रेस्पॉन्स व्हीकल (ERV) की ड्यूटी पर था. इस दौरान सरबजीत के टेंपो ने ERV को टक्कर मारी थी. फिर उनके बीच थोड़ा बहुत नोंक-झोंंक हुई थी. इसके बाद थाने के बाहर और पुलिस बल भेजने की कॉल आई. उस दिन मेरी ड्यूटी थाने के अंदर लगी थी. जब मैं बाहर था, वहां का दृश्य भयानक था, सरदार जी हवा में तलवार लहराकर हमारे साथियों के पीछे दौड़ रहे थे.'

'इस दौरान सरबजीत के बेटे ने फुल स्पीड में टेंपो हमारे एक साथ पुलिसवाले के ऊपर चढ़ा दिया. हम सिर्फ़ उसके हाथ से तलवार छीनकर मामला शांत कराना चाह रहे थे, लेकिन सरबजीत लगातार हंगामा करता रहा. हमारी कोई ग़लती नहीं थी, बावजूद इसके इस मामले में हमें ही गुनहगार बना दिया गया.'

'गुस्साई भीड़ ने हमारे सीनियर ऑफ़िसर ACP के.जी. त्यागी के साथ भी बदतमीज़ी और मारपीट की. ऐसे मामलों में हमारे सीनियर ऑफ़िसर पर भी काफ़ी दबाव होता है.'

असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर योगराज चोट लगने के बावजूद काम करते रहे. गहरी चोट होने के बाद उन्हें एक दिन की मेडिकल लीव पर भेज दिया गया.