बीते मंगलवार को देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच घर लौटने के लिए मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन और ठाणे के मुंब्रा इलाक़े में हज़ारों की संख्या में प्रवासी मज़दूर एकत्र हो गए. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया.

दरअसल, इन मज़दूरों को कहीं से सूचना मिली थी कि राज्य सरकार द्वारा बसें चलाई जा रही हैं. जबकि कुछ लोग 21 दिन का लॉकडाउन ख़त्म होने के चलते भी घर जाने की उम्मीद में यहां चले आये थे. बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश से काम की तलाश में मुंबई आए ये मज़दूर बस किसी तरह घर जाना चाहते थे.

इस मामले में पुलिस ने अफ़वाह फ़ैलाने विनय दुबे नाम के एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है. लॉकडाउन के बीच विनय दुबे पर भीड़ को गुमराह करने का आरोप है. विनय दुबे फ़ेसबुक और ट्विटर पर 'चलो घर की ओर' कैंपेन चला रहा था. इसके बाद पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ IPC की धारा 117, 153 ए, 188, 269, 270, 505(2) और एपिडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

पुलिस ने विनय दुबे के साथ ही इस मामले में अब तक 1000 लोगों के ख़िलाफ़ भी FIR दर्ज की है. लेकिन सवाल ये उठता है कि कर्फ़्यू और लॉकडाउन के बीच हज़ारों की संख्या में लोग यहां पहुंचे कैसे? पुलिस क्या कर रही थी?

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इसी तरह का माहौल गुजरात के सूरत और अहमदाबाद में भी देखने को मिला. सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मज़दूर घर जाने की जुगत में एकत्र हो गए. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इन मज़दूरों को समझाने की काफ़ी कोशिशें की, लेकिन ये लोग मानने को तैयार ही नहीं थे. बस किसी तरह घर पहुंचाने की रट लगाए हुए थे.

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने ट्वीट कर भूखे और लाचार मज़दूरों का सपोर्ट किया.

क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कोरोना के ख़तरे को देखते हुए लोगों द्वारा इस तरह से एकत्र होने को ग़लत कदम बताया.