गंगा-जमुनी तहज़ीब का देश है भारत

ईद के मिलन में, दिवाली-सी ख़ुशी का देश है भारत

भाषा की मिठास और बोली के तीखेपन का देश है भारत

जहां एक छत के नीचे रौशन होते हैं हज़ारों दीये

ऐसा देश है भारत

भारत के बारे में ये बात हज़ार बार, हज़ार तरह के लोग, हज़ार तरीके से कह चुके हैं. फिर भी जितनी बार ये बात कोई कहता है, सर गर्व से उठ जाता है. मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश का हिस्सा हूं, जहां हर तरह की सोच, संस्कृति और धर्म का अनुसरण करने वाले लोग एक साथ रहते हैं.

यहां अगर एक हिंदू क़ुरान की आयतें जीवन में उतार लेता है, तो एक मुसलमान गीता के सार को दिल में बसा लेता है. कुछ ऐसा ही हुआ ओडिशा में आयोजित हुई गीता पाठन प्रतियोगिता में, जहां एक 5 साल की बच्ची ने गीता के श्लोक धड़ाधड़ सुना कर कॉम्पटीशन के साथ-साथ सबका दिल भी जीत लिया. इस 5 साल की बच्ची ने जिस तरह श्लोकों का सटीक उच्चारण किया, वो भी चौंकाने वाला था. ये ख़बर इसलिए भी शेयर की जा रही है, क्योंकि ये बच्ची मुसलमान है.

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1st क्लास में पढ़ने वाली फ़िरदौस ने Sub-Junior लेवल में अपने से बड़े बच्चों को हराकर सभी को चकित कर दिया. उसको इस प्रतियोगिता में जज ने 100 में से 90 मार्क्स दिए, यानि उसने ज़्यादातर चीज़ें सही कहीं थीं. फ़िरदौस कहती है उसके स्कूल में मॉरल स्टडीज़ में उन्हें ये सब पढ़ाया जाता है.

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फ़िरदौस की मां अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बहुत ख़ुश है. उसका कहना है कि वो अपनी बेटी को एक बेहतर इंसान बनने की सीख देती आयी है. उसके हिसाब से लोग भले ही अलग-अलग धर्मों को मानते हों, लेकिन हम सभी एक ही हैं.

ओडिशा के दमारपुर गांव के जिस स्कूल में फ़िरदौस पढ़ने जाती है, वहां हर धर्म के बच्चे पढ़ने आते हैं और बच्चों को सबसे पहले दूसरे का आदर करना सिखाया जाता है.