मुज़फ़्फ़रपुर के शेल्टर होम की एक सर्वाइवर को बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले में कार में खींचर फिर से गैंगरेप किया गया.


रिपोर्ट्स के अनुसार सर्वाइवर को कोर्ट के आदेश के बाद उसके परिवार के पास भेज दिया गया था. सर्वाइवर को मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह से मोकामा शेल्टर होम शिफ़्ट किया गया था और उसके बाद वो अपने परिवार से मिली थी.

Source: IBT Times

रिपोर्ट्स के अनुसार सर्वाइवर ने शनिवार को अपनी शिकायत में कहा कि शुक्रवार को वो अपने भाभी के घर सोने जा रही थी और उसी दौरान स्कॉरपियो सवारों ने उसे गाड़ी में खींच लिया. सर्वाइवर ने बयान दिया है कि आरोपियों ने चलती गाड़ी में उसका गैंगरेप किया और वापस उसे मोहल्ले में छोड़कर भाग गए.


सर्वाइवर ने ये भी बताया कि सभी बलात्कारियों ने नक़ाब पहना हुआ था पर संघर्ष के दौरान वो दो लोगों का नक़ाब हटाने में क़ामयाब रही. सर्वाइवर का कहना है कि बाक़ी दो लोगों ने अपने आप नक़ाब हटा लिया. चारों एक ही परिवार के हैं.

Source: Zee News India

सर्वाइवर का ये भी कहना है गैंगरेप के बाद पीड़िता को घर पर बताने पर जान से मारने की और पुलिस में जाने पर घरवालों को उठवा लेने की धमकी दी.


Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, महिला थाना ने सर्वाइवर को मेडिकल जांच के लिए रविवार को भेजा, घटना के लगभग 24 घंटों के बाद. बेतिया महिला पुलिस स्टेशन की SHO पुनम कुमारी ने बताया कि सर्वाइवर के कपड़ों को जांच के लिए संभालकर रख लिया गया है.

स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब सर्वाइवर को मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर हो भेजा गया तो वो मुश्किल से 13 साल की थी. NGO सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा चलाए जाने वाले मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम में 42 में से 34 बच्चियों का रेप हुआ था. इस केस की जांच सीबीआई कर रही है.

इस घटना पर ट्विटर सेना ने सरकार को घेरा-