नागालैंड सरकार ने एक अहम फ़ैसला लेते हुए कुत्तों का मांस बेचने पर रोक लगा दी है. कुछ दिन पहले एक ख़बर वायरल हुई थी, जिसमें कुत्तों को बोरियों में भर कर रखा गया था. ये फ़ोटो बहुत तेज़ी से वायरल हुई. बताया गया था कि इन कुत्तों के मांस को बेचने के लिए इन्हें पश्चिम बंगाल से पकड़ कर नागालैंड लाया गया है.

लोगों की नाराज़गी को देखते हुए नागालैंड सरकार ने मांस के लिए कुत्तों को ख़रीदने और बेचने के साथ-साथ, कुत्तों के मीट मार्केट भी बंद करने का फैसला लिया है. यह रोक कुत्ते के पके हुए और कच्चे, दोनों तरह के मांस पर लगी है. यह जानकारी नागालैंड के चीफ़ सेक्रेटरी Temjen Toy ने ट्वीट करके दी.

चीफ़ सेक्रेटरी Temjen Toy को बड़ी संख्या में 'डॉग मीट' के ख़िलाफ़ email करने वाला ट्वीट तेज़ी से वायरल हुआ था. ‘मैरी कॉम’ फ़िल्म के निर्देशक ओमंग कुमार ने भी जानवरों के ख़िलाफ़ हो रही इस बर्बरता की रोकथाम वाले ऑनलाइन कैंपेन में हिस्सा लिया था. साथ ही एक कवि और पूर्व राज्यसभा सांसद, प्रीतिश नंदी ने भी ट्विटर पर अपने फ़ॉलोवर्स से नागालैंड में कुत्ते की मांस की बिक्री पर रोक लगाने के लिए मुहिम में शामिल होने की अपील की थी.

राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री और सरकार के प्रवक्ता एन. क्रोनू ने बताया, "'राज्य मंत्रिमंडल ने ये फैसला खाने के लिए दूसरे राज्यों से कुत्तों को लाने के खतरों को देखते हुए और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Animal Cruelty Prevention Act), 1960 के तहत लिया."

देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से के कुछ अन्य क्षेत्रों में कुत्ते का मांस खाया जाता है.

बता दें कि मार्च में, मिजोरम ने मांस के सेवन के लिए अनुमति प्राप्त जानवरों की लिस्ट से कुत्तों को हटा दिया गया था.
Humane Society International/India के अनुमान के अनुसार लगभग 30,000 कुत्ते हर साल बाहर से तस्करी करके नागालैंड लाया जाते हैं और बाज़ारों में बेचे जाते हैं.