एक समय था था, जब समाचार चैनलों का काम लोगों को देश और दुनिया के हालातों से अवगत करना था. समय के साथ-साथ मीडिया चैनल्स की रणनीति में भी बदलाव आया है. पहले जो चैनल सिर्फ़ लोगों को ख़बरों से रूबरू कराते थे आजकल देशभक्ति का पाठ भी सिखाते हैं, जिनकी झलक आप कई चैनलों के प्राइम टाइम पर देख सकते हैं.

ऐसे ही मीडिया चैनल्स में से एक है Zee News, जिस पर कई बार ऐसे आरोप लगे हैं कि उसने ख़बरों को तोड़-मोड़ कर गलत ढंग से पेश किया है और उसका रणनीतिक तौर पर इस्तेमाल किया है.

ऐसे ही एक पुराने मामले में न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन की इकाई NBA ने Zee News को मार्च 2016 में एक गलत रिपोर्ट के लिए टेलीविज़न पर माफ़ी मांगने और एक लाख रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, मार्च 2016 में Zee News ने एक ख़बर चलाई थी, जिसमें उन्होंने मशहूर शायर और वैज्ञानिक गौहर रज़ा को एक मुशायरे में पढ़ी नज़्म के लिए ‘अफ़ज़ल प्रेमी’, देशद्रोही और अफ़ज़ल गुरु का समर्थक कहा था.

इस बाबत NBA ने Zee News को 8 सितंबर रात 9 बजे एक प्रोग्राम चलाने को कहा है, जिसमें वो प्राइम टाइम के दौरान लाइव माफ़ी मांगे. इसकी शिकायत खुद गौहर रज़ा ने अप्रैल 2016 में की थी. गौहर की इस शिकायत का शर्मिला टैगोर, गायिका शुभा मुदगल, कवि अशोक वाजपेयी और लेखक सईदा हमीद ने समर्थन भी किया था और खुद भी NBSA प्रमुख जस्टिस आरवी रवींद्रन के पास लिखित शिकायत भेजी थी.

इस बाबत Zee News के एडिटर इन चीफ़ सुधीर चौधरी ने संडे एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें NBA की तरफ़ से नोटिस 31 अगस्त को ही मिला है. इस बाबत हमने भी NBA के पास अपना पक्ष रखा है और बताया है कि हमारी कंपनी ने किसी भी रिपोर्ट के प्रसारण में एनबीए की गाइडलाइंस का कोई उल्लंघन नहीं किया है. NBA के इस आदेश को चुनौती देने के लिए हम कानूनी पहलुओं पर भी विचार कर रहे हैं.’

वहीं NBA ने अपना आदेश सुनाते कहा कि ‘इस रिपोर्ट का उद्देश्य सनसनी फैलाते हुए लोगों के बीच गलत विचारों को पैदा करना था, जिसके लिए तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने से भी नहीं चूका गया.’

ख़ैर, NBA के इस फ़ैसले से गौहर खुश दिखाई दे रहे हैं. उनका कहना है कि ‘ज़ी न्यूज़ का उद्देश्य अपनी संस्कृति और सभ्यता को निशाना बनाना है. यदि हम अब भी ख़ामोश रहते, तो ये हमारे देश के लिए बहुत बुरा होता.’

Feature Image Source: sudheerchaudhry