एक ओर जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है वहीं दूसरी ओर कोरोना के नए वेरिएंट (प्रकार) ने ब्रिटेन में जन्म ले लिया है. इस नए प्रकार के कोरोना वायरस से लोग बड़ी तेज़ी से बीमार हो रहे हैं. ब्रिटेन में महामारी फैलने के बाद से एक दिन में अब तक सबसे ज़्यादा संख्या में लोग बीमार पड़े हैं. 

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यू.के. के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने बताया कि देश में फैले कोरोनो वायरस का नया वायरस, पुराने वायरस से 70 प्रतिशत अधिक घातक है. इसके बाद से कई सारे देशों ने ब्रिटेन आने-जाने पर पाबंदियां लगा दी हैं. भारत ने भी मौजूदा हालत को देख कर यू.के. से आने वाली फ़्लाइट्स को 22 से 31 दिसंबर तक के लिए टेंपरेरी सस्पेंड कर दिया है. 

यू.के. के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने चेताया कि कोरोना वायरस का नया प्रकार 'नियंत्रण से बाहर' है और इसके चलते ब्रिटेन के कई हिस्सों में प्रतिबन्ध लगाया जाएगा जब तक इसकी वैक्सीन नहीं आ जाती. 

इस वायरस को VUI-202012/01 कहा जा रहा है. वायरस में म्यूटेशन होना वैसे तो आम बात है. हमेशा से वायरस अपना रूप बदलते रहते हैं मगर क्योंकि कोरोना दुनिया के लिए ख़ुद ही नया वायरस था ऐसे में उसके नए रूप से डरना लाज़मी है. 

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मैट हैनकॉक ने ये भी बताया, "बीते शनिवार तक 3,50,000 लोगों को वैक्सीन लगायी जा चुकी है. ये आंकड़ा सप्ताह के अंत तक 5,00,000 तक पहुंचाने की कोशिश की जायेगी." पुराने वायरस को ध्यान में रख कर बनायी गयी वैक्सीन नए वायरस पर असर करेगी इसकी संभावना है क्योंकि वुहान से फैलने के बाद ये वायरस रूप बदल चुका है.