बीते मंगलवार को बेंगलुरु में एक महिला के साथ ऑनलाइन फ़ूड डिलिवरी ऐप Zomato के डिलीवरी बॉय द्वारा बदसलूकी का मामला सामने आया था. पुलिस जांच के बाद अब इस मामले की हक़ीक़त सामने आई है.

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दरअसल, 9 मार्च को बेंगलुरु की रहने वाली हितेषा चन्द्रानी ने Food Delivery App Zomato से खाना ऑर्डर किया था. लेकिन देरी होने की वजह से उन्होंने ऑर्डर कैंसिल कर दिया. इसके थोड़ी ही देर बाद डिलिवरी बॉय खाना लेकर जब घर पहुंचा तो हितेषा ने ऑर्डर लेने से इंकार कर दिया. इस पर डिलिवरी बॉय गुस्से में आकर उसके चेहरे पर मुक्का मारकर फ़रार हो गया. ऐसा हितेषा का आरोप था. लेकिन पुलिस जांच में मामला कुछ और ही नज़र आ रहा है.

पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ़्तार कामराज ने पूछताछ के दौरान बताया कि, ट्रैफ़िक और कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते वो 50 मिनट की देरी से ऑर्डर डिलीवर कर पाया था. जिसके लिए उसने ग्राहक से माफ़ी भी मांगी थी, लेकिन बदले में उसे ग्राहक ने गन्दी गन्दी गलियां दीं और चप्पल से मारने की कोशिश भी की.

कामराज ने कहा कि जब वो ऑर्डर लेकर लोकेशन पर पहुंचा तो हितेषा ऑर्डर कैंसिल करने को लेकर कस्टमर केयर से बात कर रही थीं, जब बातचीत ख़त्म हुई तो उन्होंने ऑर्डर ले लिया, लेकिन पैसे देने से इंकार कर दिया और ये कहते हुए अंदर चली गयीं कि वो ज़ोमैटो कस्टमर केयर से बातचीत कर रही हैं.

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ज़ोमैटो कस्टमर केयर से मुझे ऑर्डर कैंसिल होने की जानकारी दी तो मैंने ग्राहक से खाना वापस करने को कहा, लेकिन उनके ख़राब व्यवहार के कारण मैंने ऑर्डर लिए बिना ही लौटने का फ़ैसला कर लिया. जब मैं लिफ़्ट की तरफ बढ़ने लगा तो ग्राहक पीछे से मुझे हिंदी में भद्दी-भद्दी गलियां देने लगीं और मुझ पर चप्पल फेंककर मारने लगीं'.

'इस दौरान वो मुझे मारने लगीं और मैंने बचाव के लिए अपने हाथों का इस्तेमाल किया. जब वो मुझे धक्का मार रही थीं तो ग़लती से उनके हाथ में पहनी रिंग से उनकी नाक पर चोट लग गयी और ख़ून निकलने लगा. कोई भी उनके चेहरे को देखकर अंदाजा लगा सकता है कि वो चोट मुक्के की नहीं है. मैंने हाथों में कोई रिंग भी नहीं पहनी थी. हालांकि, वायरल वीडियो में हितेषा के उंगुली में रिंग दिखाई दे रही है'.

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इसके बाद उन्होंने मुझे लिफ़्ट का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया. फिर मैंने वहां से निकलने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया. इस दौरान जोमैटो के दिल्ली कस्टमर केयर सपोर्ट ने मेरी मदद भी की. ये साड़ी घटना वहां के सीसीटीवी में भी क़ैद है. मैं इस नौकरी में 2 साल से हूं लेकिन आज तक मेरे साथ ऐसा वाक़या कभी नहीं हुआ. अब मुझे अपनी गिरफ़्तारी को रोकने के लिए कानूनी प्रक्रिया पर 25,000 रुपये ख़र्च करने होंगे.

बीते बुधवार की शाम 6.30 बजे के क़रीब कामराज को इलेक्ट्रॉनिक सिटी फ़ेज़ 1 पुलिस स्टेशन द्वारा बुलाया गया, जहां उससे 2 घंटे तक पूछताछ की गई. ज़ोमैटो ने कामराज को अस्थायी रूप से नौकरी से भी निकाल दिया है.