दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने मंगलवार को 'निर्भया' गैंग रेप केस के 4 दोषियों के लिए डेथ वॉरंट जारी कर दिया. इस वॉरंट के मुताबिक़, 22 जनवरी, 2020 को सुबह 7 बजे सभी आरोपियों को फांसी दी जायेगी.


Bar and Bench की रिपोर्ट के मुताबिक़, ये ऑर्डर, Additional Sessions Judge, सतीश अरोड़ा ने पास किया.

ANI के ट्वीट के मुताबिक़, 'निर्भया' की मां, आशा देवी ने कहा, 'मेरी बेटी को इंसाफ़ मिलेगा, देश की बेटियों को इंसाफ़ मिलेगा, आगे भी मैं लड़ती रहूंगी. इस फांसी से देश की महिलाएं सशक्त होंगी. इस निर्णय से लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्ववास बढ़ेगा.'

6 दिसंबर, 2012 को 'निर्भया' ने अपने दोस्त के साथ दक्षिणी दिल्ली के मुनीरका से, अपने घर के लिये बस लिया. बस में मौजूद 4 लोगों, ड्राइवर, क्लिनर ने उसका रेप किया और सड़क के किनारे मरने को छोड़ दिया. घटना के 2 हफ़्ते बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में 'निर्भया' की मौत हो गई.


इस घटना ने न सिर्फ़ पूरे देश को बल्कि पूरी दुनिया को झकझोरकर रख दिया था.

6 आरोपियों में से मुख्य आरोपी ने तिहाड़ जेल में ट्रायल के दौरान आत्महत्या कर ली. आरोपियों में एक जुवेनाइल था और उसे 3 साल के लिए रिमांड होम भेजा गया. बाक़ी चारों आरोपियों को Additional Sessions Judge ने मौत की सज़ा सुनाई थी.


चारों आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की. हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के वर्डिक्ट को बरक़रार रखा. सुप्रीम कोर्ट ने मई 2017 में भी चारों आरोपियों के लिए मौत की सज़ा बरक़रार रखी.

ट्विटर की प्रतिक्रिया-