राजनीति में हिन्दु-मुस्लिम की बातें कम पड़ने लगीं, तो कुछ लोग नए-नए विकल्प तलाशने लगे.

पं अमित शुक्ल नाम के एक महाशय ने निश्चय किया कि वो अब से हिन्दू धर्म के अलावा किसी धर्म के डिलिवरी पर्सन से खाना मंज़ूर नहीं करेंगे. इसके लिए उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट @NaMo_SARKAAR से ज़ोमैटो को टैग कर कहा कि उन्होंने नॉन-हिन्दू राइडर की वजह से अपना ऑर्डर कैंसल कर दिया, जिसका रिफ़ंड नहीं दिया गया.

अब ज़ोमैटे की बारी थी, और जो सोशल मीडिया पर ठीक-ठाक वक़्त बिताते हैं, वो जानते हैं कि ज़ोमैटे अपने फूड डिलवरी सर्विस के अलावा ट्वीट की वजह से भी चर्चा में रहता है. इस मौके पर भी ज़ोमैटो के जवाब ने लोगों का दिल जीत लिया.

ज़ोमैटो के फ़ाउंडर दीपेंद्र गोयल ने भी ट्वीट कर कहा, 'हम उस व्यापार को खोने का कोई खेद नहीं है जो हमारे मान्यताओं के बीच में आए.'

ज़मैटो का जवाब पढ़ने के बाद लोगों ने उसकी पीठ खूब थपथपाई.