कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक रेप के आरोपी को गिरफ़्तारी से पहले ही बेल दी है.

Live Law की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने कहा,

'शिकायतकर्ता के एक्सप्लेनेशन के अनुसार वो ज़बरदस्ती के बाद थक गई थीं और सो गई थीं, एक भारतीय महिला के लिए अशोभनीय है, ज़बरदस्ती के बाद हमारी औरतें वैसे रिएक्ट नहीं करती. 

                    - जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित

केस की Prosecutrix के लिए आरोपी पिछले 2 साल से काम कर रहा था. आरोपी पर महिला से शादी का झांसा देकर, शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है.

शिकायतकर्ता ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि वो 11 बजे अपने दफ़्तर क्यों गई थीं, उसने शराब पीने से भी आपत्ति नहीं कि और आरोपी को सुबह तक रुकने की इजाज़त दी... 

                    - जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित

आरोपी का ये भी कहना है कि जिस रात ये घटना घटी वो शिकायतकर्ता के साथ उनकी कार में उनके दफ़्तर तक गया था.


शिकायतकर्ता के कहने पर आरोपी पर आईपीसी के सेक्शन 376 (सेक्शुअल असॉल्ट), 420 (चीटिंग) और 506 (क्रिमिनल इन्टीमिडेशन) और सेक्शन 66-बी (इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी एक्ट, 2000) लगाये गये.

आरोपी ने CrPC के सेक्शन 438 तक हाईकोर्ट में बेल के लिए याचिका दायर की थी.