बीते शनिवार को कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्यारानी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गयी है. पेशे से वकील विद्यारानी को कृष्णगिरी ज़िले में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मुरलीधार राव ने पार्टी की सदस्यता दिलायी. इस दौरान विद्यारानी के साथ हज़ारों समर्थक भी बीजेपी में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री राधाकृष्णन भी मौजूद रहे.

भाजपा में शामिल होने के बाद विद्यारानी ने कहा कि 'मैं जनता की सेवा के लिए पार्टी में शामिल हुई हूं. मेरे पिता की सोच ग़लत नहीं थी. वो ग़लत रास्ते पर चलकर लोगों की सेवा करना चाहते थे.

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विद्यारानी ने साथ ही कहा कि, 28 फ़रवरी को उनके साथी राज्य के सभी ज़िलों में जुलूस निकालेंगे. ये जुलूस देश विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग के लिए निकाला जाएगा.

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जानकारी दे दें कि कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन ने साल 2000 में कन्नड़ अभिनेता राजकुमार और 2002 में कनार्टक के पूर्व मंत्री एच. नागप्पा का अपहरण कर लिया था. इसके बाद वीरप्पन 18 अक्टूबर 2004 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया.

कौन था वीरप्पन?

साल 1962 में वीरप्पन ने 10 साल की उम्र में एक तस्कर समेत फ़ॉरेस्ट विभाग के तीन अफ़सरों का क़त्ल कर दिया था. ये उसका पहला अपराध था. उस वक़्त उसका नाम वीरैय्या हुआ करता था. जबकि साल 1987 में वीरप्पन ने देश को उस वक़्त हिलाकर रख दिया जब उसने चिदंबरम नाम के एक फ़ॉरेस्ट अफ़सर को किडनैप कर लिया था. इस दौरान उसने पुलिस टीम की बस को भी उड़ा दिया था जिसमें 22 लोग मारे गए.

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वीरप्पन के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं. ऐसा कहा जाता था कि उसने कुल 2000 हाथी मारे, ताकि उनके दांतों की तस्करी की जा सके. वीरप्पन ने साथ ही तस्करी के लिए चंदन के हज़ारों पेड़ भी काट डाले थे. वीरप्पन रबड़ के जूते में पैसे भर के ज़मीन में गाड़कर रखता था.

एक समय में दक्षिण भारत में आतंक का पर्याय रहे वीरप्पन की दो बेटियां विद्यारानी और प्रभा हैं.