रविवार को इंस्टाग्राम फ़ीड स्क्रॉल करते हुए कई लोगों को Bollywoodirect द्वारा अपलोड की गई एक ख़ास तस्वीर दिखी होगी, कुछ इसे देख कर आगे बढ़ गए होंगे, तो कुछ इसकी नॉस्टैलजिया में खो गए होंगे. क्या ख़ास बात थी उस तस्वीर में?

जिन्होंने दूरदर्शन के ज़माने से ख़बरों को देखना शुरू कर दिया था, वो वरिष्ठ एंकर सलमा सुल्तान और शम्मी नांरग को ज़रूर जानते होंगे.

आज जहां सूचना के कई स्रोत हैं, कई ख़बरियां चैनल हैं, उनपर सैकेड़ों न्यूज़ एंकर बैठ हुए हैं और हमेशा चिल्ल-पों मचा हुआ है. वहां 25 साल पहले सिर्फ़ एक दूरदर्शन हुआ करता था, कुछ एंकर हुआ करते थे और बिना किसी शोर-शराबे की ख़बरें पढ़ी जाती थीं.

सलमा सुल्तान अपने वक़्त की सबसे भरोसेमंद पत्रकार में से हुआ करती थीं. टीवी पर ख़बरों को सुनाने का अंदाज़ भी सबसे जुदा था. बालों में गुलाब या डेहलिया का फूल लगा कर ख़बरों को पढ़ना पुराने लोगों को अब तक याद होगा.

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शम्मी नारंग को दूरदर्शन का चेहरा माना जाता था. उनकी रिपोर्टिंग का तरीका, भरोसेमंद, पक्षपात से दूर ख़बरों को देश ने देखा है. वर्तमान में वो 'दिल्ली मेट्रो की आवाज़' हैं.

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आप मानें या न मानें, इन दोनों पत्रकारों को एक साथ देखकर पत्रकारिता के स्वर्णिम दौर की याद आ गई. जब अपनी निजी विचारों को परे रख सिर्फ़ तथ्यों की बात की जाती थी और तथ्यों पर विचार करने का काम जनता ख़ुद करती थी.

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ज़रा सोचिए, तब सिर्फ़ एक चैनल हुआ करता था और ख़बरों को जांचने का स्रोत भी सीमित थे, बावजूद इसके फ़ेक न्यूज़ का नामों-निशान नहीं था.