आख़िरकार! उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. कानपुर में 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाले 5 लाख का इनामी बदमाश विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर वापस लाते वक़्त एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया.

इसके साथ ही इस एनकाउंटर को लेकर यूपी पुलिस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर लोग इसे फ़ेक एनकाउंटर बता रहे हैं.

1 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल हुई थी 'फ़ेक एनकाउंटर' की याचिका

बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने से पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में 'फ़ेक एनकाउंटर' को लेकर एक याचिका दाखिल की गई थी. ये याचिका विकास दुबे और उसके 5 सहयोगियों के मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर थी. इस याचिका में अदालत से अपील की गई थी कि इस मामले में तुरंत सुनवाई की जाए.

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कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे को गुरुवार को ही उज्जैन पकड़े जाने के बाद एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. विकास की गिरफ़्तारी के बाद से ही आशंका जताई जा रही थी कि उसके सहयोगियों की तरह उसे भी एनकाउंटर में मारा जा सकता है. इसलिए याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने अपील की थी कि दुबे को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए, ताकि उससे क़ानून के अनुसार निपटा जा सके.

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याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने कोर्ट में दाख़िल इस याचिका में अपील की थी कि, मुठभेड़ के नाम पर पुलिस द्वारा आरोपियों को मारना क़ानून के शासन के ख़िलाफ़ है और ये मानव अधिकार का गंभीर उल्लंघन है. ये किसी भी देश के लिए तालिबानीकरण से कम नहीं है.

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कोर्ट में दाख़िल याचिका सच साबित हुई

कोर्ट में दाख़िल याचिका सच साबित हुई सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल इस याचिका में कही गयी बात सच साबित हुई. गुरुवार की सुबह हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के दो सहयोगी अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए थे. इन दोनों में से एक पुलिस हिरासत में था जिस पुलिस ने भागने की कोशिश में मार गिराया, जबकि दूसरे के साथ पुलिस की आमने-सामने मुठभेड़ हुई थी. बुधवार को भी विकास दुबे का सहयोगी प्रभात मिश्रा मारा गया था.

इस याचिका को लेकर राज्यसभा सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता विवेक तन्खा ने ट्वीट करते हुए लिखा, एनकाउंटर की आशंका कल से ही थी इसीलिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की जा चुकी थी.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भी पहले ही कह चुके थे कि जिस पैटर्न के साथ विकास के साथियों का एनकाउंटर हो रहा है, विकास का भी इसी तरह से मारा जा सकता है

इस मामले में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने भी पुलिस पर पहले से ही विकास के एनकाउंटर की साजिश रचने का आरोप लगाया है.

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी पहले ही कह चुके थे कि विकास और उसके साथ एनकाउंटर में मारे जायेंगे.

वरिष्ठ पत्रकार और कांग्रेस नेता अभय दुबे ने ट्वीट कर कहा कि 'मैंने कल ही साफ़ शब्दों में बता दिया था कि, हर हाल में पुलिस विकास दुबे को एनकाउंटर में मार देगी.