वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज़ एयरलाइन्स ने अपनी उड़ानें अस्थाई रूप से बंद कर दी हैं. बुधवार रात फ़्लाइट नंबर 9W 2502 इसकी आख़िरी उड़ान थी. अमृतसर से दिल्ली जा रही इस फ़्लाइट में जैसे ही पायलट ने ये अनाउंस किया कि ये उनकी आख़िरी उड़ान है, सभी यात्रियों की आंखें नम हो गई.

जेट एयरवेज़ की इस आख़िरी फ़्लाइट के पायलट मोहित कुमार थे. इसके सभी यात्री इस दुविधा में थे कि उनकी फ़्लाइट कैंसल तो नहीं हो जाएगी, लेकिन आख़िरकार रात 10.20 मिनट में इसने उड़ान भरी.

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पायलट ने सफ़र शुरू करने से पहले सभी यात्रियों से बात की. उन्होंने कहा- 'ये कंपनी की आखिरी फ़्लाइट है. फ़िलहाल सभी उड़ानें अस्थाई रूप से स्थगित कर दी गई हैं. उम्मीद है जल्द ही हम फिर से काम करने लगेंगे, तब फिर से हमारी सेवाएं लेने का कष्ट कीजिएगा.'

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शरीफ़ अब्दुल्ला नाम के एक यात्री भी इस फ़्लाइट में मौजूद थे. वो एक व्यापारी हैं, जो व्यापार के सिलसिले में अमृतसर से मुंबई आते-जाते रहते हैं. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, 'मैं अकसर जेट एयरवेज़ से यात्रा करता था. ये मुझे अच्छी कनेक्टिविटी प्रदान करती थी. हालांकि मुझे पता नहीं था कि ये इसकी आख़िरी उड़ान होगी. पायलट के अनाउंस करने के बाद ही मुझे पता चला. अब मुझे दूसरी एयरलाइन्स की फ़्लाइट लेनी होंगी. मैं जेट एयरवेज़ की सेवाओं को मिस करूंगा.'

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5 मई 1993 को जेट एयरवेज़ ने मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली उड़ान भरी थी. इसके 26 साल बाद इसने अपनी आख़िरी उड़ान भरी. इसका कारण कंपनी का कर्ज़ में डूब जाना है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेट एयरवेज़ पर लगभग 8 हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ है.

ये कर्ज़ न चुका पाने के चलते ही कंपनी को अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं. इसी के साथ ही कंपनी के करीब 20 हज़ार कर्मचारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.