सोशल मीडिया पर कई दिनों से इंदौर से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय का 26 जून को नगर निगम के अधिकारी को सरेआम बल्ले से पीटना चर्चा का विषय बना हुआ था.

इस मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब आकाश के पिता और भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे बचाव में पत्रकार को खरी-खोटी सुनाने लगे. हालांकि आकाश विजयवर्गीय के ऊपर केस दर्ज हुआ है और वो हिरासत में भी लिए गए हैं लेकिन उनके रिहा होने पर इंदौर भाजपा कार्यालय में जश्न मनाया गया.

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इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नज़र पड़ी, तो उन्होंने चेतावनी भरे लहज़े में बिना नाम लिए आकाश विजयवर्गीय की हरकत को बर्दाश्त न करने की बात कही.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी का बेटा हो, ऐसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा, 'जिन लोगों ने इस मामले में ज़मानत पर आकाश विजयवर्गीय का स्वागत किया है, उन्हें पार्टी में रहने का हक़ नहीं है. सभी को पार्टी से निकाल देना चाहिए.'

नरेंद्र मोदी ने सख़्त हिदायत देते हुए कहा कि इस तरीके की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए, ये पार्टी और देश के हित में नहीं है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे के बचाव में इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया था और दोनों पक्षों को समझदारी से काम लेने की बात कही थी. साथ ही साथ मीडिया पर आरोप लगाया कि एक छोटी सी घटना को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया गया.

आकाश ने रिहाई के बाद कहा था, 'मैं भगवान से प्राथना करता हूं कि मुझे दोबारा बल्लेबाज़ी करने का अवसर न दे. अब गांधीजी के दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश करूंगा.'