नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ देशभर में विरोध हो रहा है. कहीं ये विरोध शांतिपूर्ण चल रहा है और कहीं ये हिंसात्मक रूप ले रहा है.


कानपुर में भी बीते 20 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन ने हिंसात्मक रूप ले लिया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस विरोध में जो 13 लोग गोलियों से ज़ख़्मी हुए थे पुलिस ने उन्हें भी FIR में शामिल करने का निर्णय लिया है. हिंसा, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और सेक्शन 144 के उल्लंघन करने पर जो FIR लिखी जाएगी, उसमें इन लोगों का भी नाम होगा.  

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सभी ज़ख़्मियों को Hallet अस्पताल ले जाया गया था. इलाज के दौरान 3 लोगों (30 वर्षीय रईस ख़ान, 22 वर्षीय आफ़ताब आलम और 23 वर्षीय मोहम्मद सैफ़) की मौत हो गई थी और अब तक 6 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है. ज़ख़्मियों में एक के माता-पिता ने पुलिस पर गोली चलाने का इल्ज़ाम लगाया है.


सूत्रों के मुताबिक़, ज़ख़्मियों में 3 माइनर हैं.  

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक़, कानपुर के एसएसपी अनंत देव ने बताया कि ज़ख़्मियों के मौक़ा-ए-वारदात पर मौजूद होने के सुबूत मिले हैं. हालांकि ये सुबूत सिर्फ़ इनके ख़िलाफ़ FIR करने के लिए ही काफ़ी हैं और हिंसा में इनके शामिल होने की जांच की जायेगी. जांच के आधार पर ही उन पर कार्रवाई होगी. 

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एसएसपी ने बताया कि 20 दिसंबर की घटना में शामिल होने के शक़ पर 18 लोगों पर FIR लिखी गई है. 

इन लोगों का नाम FIR में बाद में जोड़ा जायेगा और इसकी संभावना है कि उनके ठीक होने के बाद उन्हें अरेस्ट किया जायेगा. वीडियो सुबूत के आधार पर मामले की जांच की जायेगी. ज़िले में अब तक 14 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. 150 लोगों की तस्वीरें जारी की गई हैं और उनके आधार पर 40 लोगों की पहचान की जा चुकी है. 

-एसएसपी अनंत देव