बीते शनिवार दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट के बाहर किसी बात को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इस झड़प में कई वकील घायल हो हाय थे. पिछले तीन दिनों से देश की न्याय व्यवस्था और कानून व्यवस्था के रखवालों के बीच झड़प जारी है.

आज सुबह से ही दिल्ली के तीस हज़ारी, साकेत और कड़कड़डूमा कोर्ट के बाहर वकील जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के बाद वकीलों का विरोध प्रदर्शन अब अन्य राज्यों में भी शुरू हो गया है.

राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के वकीलों ने दिल्ली के वकीलों का समर्थन करते हुए सोमवार को कामकाज ठप रखा. जबकि कानपुर में वकीलों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है.

साकेत कोर्ट के बाहर ऑन ड्यूटी पुलिसवालों ने वकीलों पर गुस्सा निकला. बाइक सवार पुलिसवाले के साथ एक वकील हाथापाई करता नज़र आ रहा है. इतना ही नही, हेल्मेट के साथ भी पुलिसवाले पर वार भी किया गया.

शनिवार को तीस हज़ारी कोर्ट में हुई इस हिंसक झड़प के बाद दिल्ली के सभी वकील एकजुट हो गए हैं. घटना के विरोध में सोमवार को साकेत कोर्ट के वकीलों ने कामकाज ठप रखा है. तीस हज़ारी कोर्ट, पटियाला हाउस और राऊज एवेन्यू कोर्ट में कामकाज प्रभावित है. वकील हड़ताल पर हैं.

अब सुप्रीम कोर्ट के वकील भी पुलिस के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर गए हैं. सोमवार को वकीलों ने प्रदर्शन किया और गंभीर रुप से घायल वकील को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की. बताया जा रहा है कि पंजाब में भी वकील दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ लामबंद हो गए हैं. यहां के वकीलों ने पीड़ित वकीलों का समर्थन किया है.

वकीलों ने इस प्रदर्शन के दौरान तीस हज़ारी कोर्ट की घटना में घायल हुए हर वकील के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की भी मांग रखी. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे चुकी है.

दिल्ली बार काउंसिल ने पुलिस के साथ झड़प के बाद शनिवार को आईसीयू में भर्ती दो वकीलों को रविवार को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी. साथ ही घायल वकीलों को 50-50 हज़ार रुपये मुआवजा दिया जाएगा.

क्या था असल मामला?

बीते शनिवार को पार्किंग को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच तीस हज़ारी कोर्ट में विवाद पैदा हो गया था. अदालत परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान कम से कम 10 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गई थे. इस दौरान करीब 17 वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी.