मध्यप्रदेश पुलिस ने तय किया कि वह अमित शुक्ला को नोटिस भेजेगी. अमित शुक्ला वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने बुधवार को ट्वीट कर बताया था कि उन्होंने अपना ऑर्डर इसलिए कैंसल कर दिया क्योंकि राइडर हिन्दू नहीं था.

HT के रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर के सुप्रिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस अमित सिंह ने कहा, 'हम उस व्यक्ति के उसके बर्ताव पर स्पष्टिकरण देने के लिए नोटिस भेजने वाले हैं. अगर ये सही है, उसने लोगों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है. ये एक जुर्म है.'

एस. पी. के अनुसार किसी ने अमित शुक्ला के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है. पुलिस ख़ुद Suo Moto के तहत वायरल ट्विटर के पोस्ट को देख नोटिस भेजने वाली है.

जब लोगों ने अमित शुक्ला के ट्वीट की आलोचना की तब उसने अपने बर्ताव को सही ठहराते हुए कहा, 'ये मेरे निजी धर्म का सवाल है. उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए. ये सावन का पवित्र महीना है. मैं व्रत रखता हूं. इसलिए मैंने शाकाहारी रेस्टुरेंट का खाना ऑर्डर किया था. मैंने ज़ोमैटो से रिक्वेस्ट किया था कि वो डिलिवरी बॉय को बदल दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. मुझे नहीं लगता कि मैंने कोई गुनाह किया है.'

बता दें कि कल से इस मामले से जुड़े कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. ज़ोमैटो के स्टैंड का समर्थन उसकी राइवल कंपनी Uber Eats ने भी किया, जिसे बाद में ट्रोल किया गया. मामले ने तूल पकड़ा तो अमित शुक्ला ख़ुद ने खुद अपना ट्वीट डिलीट कर दिया