बिहार में इन दिनों चमकी बुखार के चलते कई मासूम बच्चों की जान जा चुकी है. इसे लेकर जनता और मीडिया बिहार सरकार से लेकर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है. मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में सबसे अधिक अब तक 117 बच्चों की मौत हुई है. इसके बाद से लोग प्रशासन से सवाल लोग पूछते दिखाई दे रहे हैं. इसी सिलसिले में वहां पर प्रमुख विपक्षी दल RJD के नेता तेजस्वी यादव की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं.

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये पोस्टर्स तमन्ना हाशमी नाम के सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए हैं. इन पर लिखा है- 'नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को ढूंढ कर लाने वाले को 5100 रुपये का नक़द इनाम'.

दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के प्रचार-प्रसार में काफ़ी सक्रीय दिखाई दिए थे. लेकिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही तेजस्वी यादव कहां और क्या कर रहे हैं इसकी कोई ख़बर नहीं है. बिहार में चमकी बुखार के चलते हुई मौत को लेकर उनकी तरफ न तो कोई ट्वीट सामने आया न ही कोई बयान.

तमन्ना हाशमी ने इस बारे में टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए कहा- 'तेजस्वी यादव ख़ुद को ग़रीबों और दलितों का नेता कहते हैं. लेकिन बिहार के कई ज़िलों में इस बुखार से सैंकड़ों ग़रीब बच्चों की मौत पर वो चुप क्यों हैं? अब वो कहां गए, क्या वो सत्ता हाथ में आने पर ही सक्रीय होते हैं. नेता लोग सिर्फ़ दलितों और ग़रीबों को गुमराह करते हैं.'
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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने ANI से बात करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव इन दिनों दिल्ली में हैं और वहीं से मुज़फ़्फ़रपुर की घटना पर नज़र बनाए हुए हैं. वो बहुत जल्द पटना लौटेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बिहार के भागलपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी और समस्तीपुर ज़िले में भी इस बुखार के मामले सामने आए हैं. इस बुखार ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है.