बीते शनिवार 14 वर्षीय आर. प्रागनानंदा ने विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-18 ओपन वर्ग का गोल्ड मेडल जीत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इसके साथ ही सभी देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. ग्रैंडमास्टर प्रागनानंदा ने 11वां और अंतिम राउंड जर्मनी के वालेंटिन बकल्स के खिलाफ़ खेला, जिसे जीत कर वो 9 अंक के साथ शीर्ष पर पहुंच गया.

गोल्ड मेडल के अलावा प्रागनानंदा ने हिंदुस्तान के लिये 6 मेडल और जीते हैं, जिसमें से 3 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल है.

हिंदुस्तान का नाम रौशन करने वाले प्रागनानंदा ने पिछले हफ़्ते मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि मैंने अंडर-18 वर्ग में खेलने का विकल्प चुना, क्योंकि मुझे Stiffer के लिए देखा गया था. इसके साथ ही ख़िताब जीतना अच्छा महसूस कराता है.

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Source: ANipraggnanandhaa

इससे पहले प्रागनानंदा 2013 में अंडर-8 चैंपियन और 2015 में अंडर-10 के विजेता भी रह चुके हैं. प्रागनानंदा हिंदुस्तान के सबसे युवा और विश्व के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रागनानंदा को 12 साल 10 महीने और 13 दिन की उम्र में ग्रैंडमास्टर का ख़िताब दे दिया गया था.

प्रतियोगिता मुंबई में हुई थी, जो कि हिंदुस्तान के लिये काफ़ी ज़बरदस्त रही. इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 7 मेडल जीत कर देश का नाम रौशन किया.

बधाई हो चैंपियन!

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