इंदौर पिछले 4 साल से लगातार देश के सबसे साफ़-सुथरे शहर का ख़िताब जीतता आ रहा है. इस साल भी विनर बनने के लिए तैयारियां ज़ोरों पर हैं. इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (आईएमसी) की कोशिशों की बदौलत इंदौर में कोई भी गली ऐसी नहीं है जहां कूड़ा इकट्ठा होता है.  

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2016 से ही 'मिनिस्ट्री ऑफ़ हाउसिंग ऐंड अर्बन अफ़ेयर्स' दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे कर रही है, जिसमें शहरों की साफ़-सफ़ाई का आंकलन किया जाता है. जब से ये सर्वे शुरू हुआ है तब से इंदौर ने पहला पायदान क़ायम रखा है. 2021 के कॉन्टेस्ट की घोषणा की जा चुकी है और प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे शहर 31 मार्च, रात के 11:45 तक अपलाई कर सकते हैं.

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2021' में अगर इंदौर को सेवन स्टार चाहिए तो हर कैटगरी में लेवल 4 लाना पड़ेगा. इंदौर की निगमायुक्त प्रतिभा पाटिल ने इंदौर को जीत दिलाने के लिए लगभग 3 महीने पहले ही नई गाइडलाइन्स जारी कर दी थी.

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Knock Sense की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर की सड़कों पर नई लाइटें लगाई जा रही हैं और दिवारों पर पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं. इंदौर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन ने न सिर्फ़ कई पब्लिक टॉयलेट्स बनवाए हैं, बल्कि समय-समय पर शहर के नालियों की सफ़ाई होती है. शहर को सजाने के लिए वृक्षारोपण भी किया जाता है.

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शहरवासियों की सहूलियत के लिए आईएमसी ने पलैसिया इंटरसेक्शन के पास डिस्ट्रिब्यूशन पॉइंट बनाया हैं जहां कार डस्टबिन्स, इको-फ़्रेंडली स्ट्रॉ, क्लॉथ बैग, कम्पोस्ट बनाने के कन्टेनर रेन्ट पर मिलते हैं. अब देखना ये है कि इंदौर लगातार 5वीं बार टॉपर बनता है या नहीं.