अमेरिका में पिछले कई दिनों से अश्वेत शख़्स की मौत के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच 3 जून की रात 'Black Lives Matter' प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को स्प्रे पेंटिंग से विरूपित कर दिया है. 

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इस संबंध में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने विदेश विभाग को सूचित किया और स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष अज्ञात प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है. बताया जा रहा है कि ये घटना वॉशिंंगटन डीसी में 2 जून और 3 जून की मध्यरात्रि को हुई थी. 

इसके बाद बुधवार को मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधिकारियों की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया. वो इस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है. प्रतिमा को जल्द से जल्द साफ़ करने की कोशिश की जा रही है. 

इस घटना के सामने आने के बाद भारत में अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने माफ़ी मांगी है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक़, केन जस्टर ने गुरुवार को कहा, 'वॉशिंगटन डीसी में महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना से हम शर्मिंदा हैं. इसके लिए हम माफ़ी मांगते हैं.' 

दुनियाभर में शांति के प्रचारक रहे महात्मा गांधी की प्रतिमा को प्रदर्शनकारियों द्वारा नुक़सान पहुंचाना बेहद दुःखद घटना है. 

बता दें कि अक्तूबर 1998 में अमेरिकी संसद ने भारत सरकार को 'डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया में संघीय ज़मीन पर महात्मा गांधी के सम्मान में' एक स्मारक बनाने का अधिकार दिया था. इसके बाद 16 सितंबर 2000 को महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का अनावरण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मौजूदगी में किया था. 

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कांसे की बनी गांधी जी की ये प्रतिमा 8.8 फ़ुट ऊंची है. इस प्रतिमा में गांधी जी को हाथ में लाठी पकड़े चलते हुए दिखाया गया है जो नमक पर कर लगाने के ख़िलाफ़ उनके 1930 के मार्च की यादें ताजा करती है. इस प्रतिमा को गौतम पाल ने डिजाइन किया था और ये भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से भेंट की गई थी.