दीवाली का त्यौहार अपने साथ बहुत सारी रौशनी और ख़ुशियां लेकर आता है. त्यौहार के मौक़े पर घर-घर में सफ़ाई होती है और बेमतलब का सामान कूड़े में फेंक दिया जाता है. पुणे में एक महिला ने दीपवाली के लिए घर चमकाने के चक्कर में 3 लाख रुपये के जेवरों से भरे बैग को कूड़ा समझ कचरा पेटी में डाल दिया.

मामला पुणे के पिंपल-सौदागर क्षेत्र का बताया जा रहा है. रेखा सेलुकर नामक महिला त्यौहार से पहले अपने घर की सफ़ाई कर रही थीं. इस दौरान उन्हें घर में एक पुराना और छोटा हैंडबैग मिला. रेखा ने कुछ सोचे बिना ही उस बैग को कूड़े के ढेर के साथ एकत्र कर दिया.

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जब इलाक़े में 'घंटा-गाड़ी' यानी कूड़ा इखट्टा करने वाला ट्रक आया, तो सभी कचरे के साथ उन्होंने वो छोटा हैंडबैग भी 'घंटा-गाड़ी' में डाल दिया. कुछ घंटे बाद उन्हें याद आया कि उस बैग में कई सारे क़ीमती जेवर थे, जिनकी क़ीमत क़रीब 3 लाख़ रुपये थी. इसमें मंगलसूत्र, पायल की एक जोड़ी और अन्य प्रकार के जेवर शामिल थे.

इसके बाद रेखा सेलुकर ने तुरंत एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता, संजय कुटे से सम्पर्क किया, जिसके बाद संजय ने तुरंत PCMC स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस पूरी घटना की जानकारी दी.

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इस बात की जानकारी नगर निगम के एक आला अधिकारी को भी दी गई. पता लगाया गया कि किस वक्त, किस 'पिक-अप' वैन ने डेपो में जाकर कचरा गिराया. उस सफ़ाईकर्मी का नंबर मांगा गया जो उस वक्त डेपो पर ड्यूटी पर तैनात था.

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इसके बाद सफ़ाईकर्मी, हेमंत लखन ने 18 टन कूड़े के कचरे में से 40 मिनट की जद्दोजहद के बाद उनका पर्स ढूंढ निकाला.