कोरोना वायरस के मामले देश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं. हेल्थ सर्विस पर दबाव है, डॉक्टर-नर्स समेत अस्पतालों में बेड की भारी कमी है. ऐसे में दिल्ली सरकार ने अपनी क्षमता में तेजी से वृद्धि करने और राष्ट्रीय राजधानी में कोरोनो वायरस मामलों की प्रत्याशित लहर को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए दक्षिणी दिल्ली में राधा सोमी आध्यात्मिक केंद्र को 10,000 बेड के साथ दुनिया के सबसे बड़े अस्थायी COVID-19 देखभाल सुविधा में परिवर्तित करना शुरू कर दिया है.   

Source: twistarticle

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस सेंटर की ख़ासियत ये है कि बेड को सैनिटाइज़ करने की ज़रूरत नहीं होगी. दरअसल, ये बेड कार्डबोर्ड के हैं जिसमें कोरोना वायरस 24 घंटे से ज़्यादा सक्रिय नहीं रहता है, जबकि लोहे, प्लास्टिक या लकड़ी पर पांच दिन तक भी सक्रिय रह सकता है.  

छतरपुर केंद्र में 12,50,000 वर्ग फुट का एक कवर क्षेत्र है, ये क़रीब 22 फुटबॉल मैदानों जितना बड़ा है. यहां पहले से ही पंखे और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और लगभग 3 लाख लोग उपदेश में भाग ले सकते हैं.   

राधा स्वामी सत्संग ब्यास, भाटी माइंस के सचिव विकास सेठी ने बताया कि, ‘सुविधा का उपयोग हाल तक प्रवासी श्रमिकों को आश्रय देने के लिए किया जा रहा था. इसकी सामुदायिक रसोई अर्ध-औद्योगिक है और एक समय में हज़ारों लोगों को खिला सकती है.’  

Source: curlytales

दक्षिणी दिल्ली के मजिस्ट्रेट बीएम मिश्रा ने कहा कि इसमें 500-500 बेड के 20 मिनी हॉस्पिटल की तरह काम करेंगे. कम से कम 400 डॉक्टर 2 शिफ़्ट में काम करेंगे.  

उन्होंने कहा, वे अस्पतालों में उपयोग किए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ ई-मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. ‘हम कंप्यूटर स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सब कुछ सुचारू और निर्बाध हो.’ आगे उन्होंने कहा कि इसे पूरा करने में कितने लोगों की ज़रुरत होगी इसका पता लगाया जा रहा है और इतने बड़े काम में हमें लिए सैन्य, अर्धसैनिक और परोपकारी लोगों से बहुत मदद मिल रही है.  

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं और हमें 30 जून तक इसे पूरा करने की उम्मीद है.’  

Source: hindustantimes

दिल्ली सरकार के अनुमानों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में जुलाई के अंत तक कोरोनो वायरस के मामले 5 लाख के पार चले जाएंगे. COVID-19 रोगियों के लिए लगभग एक लाख बेड की आवश्यकता होगी. दिल्ली सरकार ने हाल ही में जिला मजिस्ट्रेटों और अन्य अधिकारियों को 20,000 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया.  

बता दें, देश में पिछले 24 घंटे में दो हज़ार से ज़्यादा मौतें दर्ज हुईं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. दरअसल, महाराष्ट्र और दिल्ली ने पिछले 24 घंटे में पुराने आंकड़े को अपडेट किया है यानी जो मौतें पहले हो गई थीं लेकिन दर्ज नहीं हुई थीं. जैसे दिल्ली में कल 93 मौतें हुईं, लेकिन रजिस्टर्ड 437 हुईं. वहीं, कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3.50 लाख के पार चली गई.