सफ़लता और असफ़लता दोनों जीवन का हिस्सा हैं. लेकिन असल हीरो वो है जो मुश्किलों से पार पाकर सफ़लता के शिखर तक पहुंचता है और दुनिया में अपने नाम का परचम लहराता है. आज हम आपको ग़रीबी से निकले कुछ ऐसे ही लोगों से मिलवाएंगे जिनके जैसा बनने का सपना आज लगभग हर भारतीय देखता है.

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1. कल्पना सरोज

कल्पना सरोज जब 12 साल की थीं तब इनकी शादी हो गई थी. ससुराल में इनके साथ घरेलू हिंसा हुई. जिससे तंग आकर इनके पिता इन्हें घर ले आए. छोटी-सी उम्र में ही इन्होंने मुंबई आकर काम करना शुरू किया. पहले ख़ुद का बूटीक सेंटर खोला और बाद में एक संगठन जो बेरोज़गारों की मदद करता. धीरे-धीरे कर के इन्होंने कमायनी ट्यूब्स के शेयर ख़रीद उसकी मालकिन बन गईं. इस कंपनी का कर्ज़ा निपटा कर इससे लाभ लेकर आईं सरोज जी. अब ये कंपनी करोड़ों रुपये का प्रॉफ़िट कमा रही है. इन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है.

Kalpana Saroj
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2. मोहम्मद शमी 

मोहम्मद शमी को आज कौन नहीं जानता. टीम इंडिया के इस पेसर से बड़े-बड़े खिलाड़ी ख़ौफ खाते हैं. इनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ था. बचपन से ही इन्हें क्रिकेट खेलने का शौक़ था. जब भी इन्हें खाली समय मिलता ये बॉलिंग की प्रैक्टिस करने लगते थे. कई बार ट्रायल्स में फ़ेल होने के बाद भी इन्होंने हार नहीं मानी और साल 2013 में इंडियन टीम में सेलेक्ट हुए.

Mohammed Shami
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3. ए.पी.जे अब्दुल कलाम

पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम तो आज भी करोड़ों भारतीयों की प्रेरणा हैं. वो बचपन में घर को सपोर्ट करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ न्यूज़ पेपर भी बेचा करते थे. आगे चलकर वो देश के लिए मिसाइल बनाने वाले साइंटिस्ट बने और बाद में राष्ट्र की कमान संभाली. 

A.P.J. Abdul Kalam

4. सुशील कुमार

सुशील कुमार सोलंकी के पिता एक बस कंडक्टर थे. उनके घर की आर्थिक हालत ठीक न होने के बावजूद इनके पिता ने इनकी कुश्ती की ट्रेनिंग जारी रखी. बचपन में ये बस में मीलों का सफ़र तय कर रेसलिंग की प्रैक्टिस करने जाते थे. इन्होंने 2010 में वर्ल्ड चैंपियनशिप और बीजिंग ओलंपिक(2008) में ब्रॉन्ज और लंदन ओलंपिक(2012) में सिल्वर मेडल जीता था.

Sushil Kumar
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5. पेट्रीसिया नारायण

पेट्रीसिया नारायण ने लव मैरिज की थी जो असफ़ल रही. पति ड्रग एडिक्ट था. दो बच्चे होने के बाद उससे तलाक़ ले लिया और अपना परिवार चलाने के लिए मरीना बीच पर कॉफ़ी का ठेला लगाया. पहले दिन 50 पैसे की कमाई हुई, लेकिन हार नहीं मानी. बाद में मेहनत कर के पहले सरकारी कैंटीन चलाने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया और फिर कुछ सालों में ख़ुद का रेस्टोरेंट खोला. आज उनके कई रेस्टोरेंट भारत में हैं और वो लाखों रुपये कमा रही हैं.

Patricia Narayan
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6. धीरूभाई अंबानी

कभी एक चॉल के छोटे से कमरे में अपनी पत्नी के साथ रहते थे धीरूभाई अंबानी. इन्होंने भजिया(पकौड़े) बेचने का भी काम किया. लेकिन कभी हार नहीं मानी और थोड़ी-सी जमा पूंजी से रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की नींव डाली. आज ये दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में से एक है.

Dhirubhai Ambani
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7. दिलीप सांघवी

फ़ेसम दवा कंपनी सन फ़ॉर्मा के फ़ाउंडर हैं दिलीप सांघवी. वो एशिया के सेल्फ़ मेड Billionaire में से एक हैं. कभी वो दवा वितरक का काम किया करते थे. उन्होंने अपनी लगन और मेहनत के दम पर सन फ़ॉर्मा की नींव रखी. जब उन्होंने ये कंपनी शुरू की तब उनके पास बस 5 लोग ही थे. आज ये कंपनी दुनिया की अग्रणी दवा कंपनियों में से एक है. 

Dilip Shanghvi
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8. करसन भाई पटेल

वाशिंग पाउडर निरमा के बारे में तो सुना ही होगा. इस कंपनी के मालिक हैं करसन भाई पटेल. वो एक लैब असिस्टेंट थे और उन्होंने निरमा वाशिंग पाउडर की खोज की थी. इसे वो अपनी साइकिल पर घर-घर जाकर बेचते थे. ये प्रोडक्ट लोगों को पसंद आया और आज इनकी कंपनी का करोड़ों का टर्नओवर है. 

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9. इंदिरा नूयी

इंदिरा नूयी आज पूरी दुनिया में जानी पहचानी जाती हैं. दुनिया की दिग्गज कोल्ड ड्रिंक कंपनियों में से एक पेप्सिको के सीईओ का पद संभाल चुकी हैं. उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के लिए कभी वेटर का काम किया तो कभी रिसेप्शन संभाला. फ़िलहाल वो अमेजॉन की निदेशक मंडल में शामिल हैं. 

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10. एन. आर. नारायण मूर्ति

एन. आर. नारायण मूर्ति को आज पूरी दुनिया इंडियन आईटी सेक्टर का पिता कहती है. कभी वो अपनी पत्नी की कमाई पर आश्रित थे. लेकिन सपने बहुत बड़े थे. एक सॉफ़्टवेयर कंपनी खोली वो फे़ल हो गई. लेकिन फिर से कोशिश की और Infosys की नींव रखी. आज ये कंपनी दुनिया की अग्रणी आईटी कंपनियों में से एक है.

Source: infosys

इन सभी भारतीयों की तरह आप भी कभी हार मत मानना. आपका भी सपना एक दिन ज़रूर पूरा होगा.