23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की बात कही थी. लेकिन पार्टी के कार्यकारी समिति ने उसे मंज़ूर नहीं किया था. आज इस बात को डेढ़ महीने होने को हैं, राहुल गांधी आज भी अपने इस्तीफ़े पर अड़े हुए हैं.

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बुधवार को राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम एक खुली चिट्ठी लिखकर ये बताया कि वो किसी क़ीमत पर अपना इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे. पार्टी के वर्किंग कमेटी को चाहिए कि वो नए अध्यक्ष का चुनाव जल्द से जल्द कर ले.

राहुल गांधी के अनुसार नए अध्यक्ष को चुनने में पहले की काफ़ी देरी हो चुकी है. उनका कहना है कि वो अध्यक्ष के चुनाव प्रकिया में हिस्सा नहीं लेंगे. ये काम समिति के सदस्यों को ही करना है, वो इसके लिए बैठक नहीं बुलाएंगे.

राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा की घोषणा के बाद से कांग्रेस के कई बड़े नेता राहुल गांधी से इस्तीफ़ा वापस लेने की लिए दबाव बना चुके हैं. कई जगह कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं. दिल्ली में धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं से मिलने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अहमद पटेल भी पहुंचे थे.

Update-

राहुल गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल से भी 'कांग्रेस अध्यक्ष' हटा दिया है और आनन-फ़ानन में 90 वर्षीय मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है. नए अध्यक्ष के चुनाव होने तक वह इस पद को संभालेंगे. हालांकि मोतीलाल वोरा ने मीडिया को बताया कि उन्हें पार्टी के इस फ़ैसले के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

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