आमतौर पर लोग बैचलर लड़कों, बैचलर लड़कियों, सिंगल लड़की आदि को घर देने से कतराते हैं. वजह होती है, पार्टी करेंगे, लड़के आएंगे-जाएंगे, माहौल ख़राब होगा, वगैरह वगैरह. 

हमारे देश में मामला यहीं नहीं रुकता, कई मकान मालिक किरायेदार का 'नाम' देखकर भी घर देते हैं. अक्सर एक ख़ास धर्म और कुछ ख़ास जातियों के लोगों को किराये का मकान ढूंढने में समस्याएं आती हैं. ये है आम लोगों की ज़िन्दगी लेकिन कुछ ऐसा ही फ़ेस कर रही हैं पत्रकार और एक्टिविस्ट राना अयूब.

राणा अयूब एक जाना-माना चेहरा हैं और अपनी तेज़ तर्रार पत्रकारिता की वजह से अक्सर ट्रोल्स के निशाने पर रहती हैं. राणा ने ट्वीट करके जो बताया वो बहुत बड़ी चिंता का विषय है, सिर्फ़ उनके लिए ही नहीं बल्कि हम सभी के लिए. राना का कहना है कि वे बैंड्रा में 3 महीने से मकान की तलाश कर रही हैं. उनके 'राणा' नाम से मकान मालिकों को उनके धर्म का पता नहीं चलता लेकिन 'शेख़' देखकर अटपटे कारणों से उन्हें घर देने से मना कर दिया जाता है. 

राणा अयूब ने ट्विटर पर उन्मेश पाटिल नामक एक शख़्स का Ad शेयर किया और बताया कि मुंबई के बैंड्रा में Posh एरिया में मुस्लिम और Pets को रहने की अनुमति नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र और समाज पर भी सवाल किया.  

एक अन्य ट्विट में राना ने बताया कि नफ़रत वाले Message भेजने वाले उनके सिक्योरिटी गार्ड को हाउसिंग सोसाइटी वाले नौकरी से नहीं निकाल रहे. ट्विट में राना ने एक मैसेज भी साझा किया. 

लोगों ने दुख जताया और कुछ ने अपने साथ हुए भेद-भाव के बारे में बताया-

उन्मेश पाटिल के Ad को देखकर, Aazar Anis ने इंस्टाग्राम पर एक कविता डाली

सवाल फिर उठता है, इतनी नफ़रत आती कहां से है? आख़िर मोहब्बत, दोस्ती-यारी गई कहां?