हमारे देश में चाय के शौकीनों की कोई कमी नहीं. तभी तो यहां हर गली-नुक्कड़ पर चाय की दुकान मिल जाती है. घर में लोग अकसर चाय बनाने के लिए उसकी बेस्ट क्वालिटी ही लेकर आते हैं. इसकी क़ीमत 500-1000 रुपये किलो तक हो सकती है. लेकिन असम में एक शख़्स ने एक किलो चाय 50000 रुपये ख़रीदी है. इसके साथ ही ये भारत की सबसे मंहगी चाय बन गई है.

बीते मंगलवार को Guwahati Tea Auction Centre (GTAC) में मनोहरी गोल्ड चाय ने ये रिकॉर्ड बनाया है. अधिकारियों के अनुसार किसी सार्वजनिक नीलामी में चाय को मिली ये अब तक की सबसे अधिक कीमत है.

Guwahati Tea Auction Centre

Manohari Tea Estate ने 5 साल पहले ही इस चाय का उत्पादन करना शुरू किया था. इस चाय बागान के मालिक राजन लोहिया ने बताया कि ये उनकी सबसे बेस्ट क्वालिटी वाली चाय है. इस चाय को चुनिंदा चाय की पत्तियों से बनाया जाता है.

पिछले साल इस चाय की नीलामी 39,001 रुपये प्रति किलोग्राम में हुई थी. इसने दूसरा नंबर हासिल किया था. पहले नंबर पर अरुणाचल प्रदेश के Donyi Polo Tea Estate की Golden Needle नामक चाय थी, जो 40000 रुपए प्रति किलो में बिकी थी.

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राजन ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा- 'मनोहरी गोल्ड चाय का उत्पादन उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली P-126 चायपत्तियों से किया जाता है. मई और जून में बिल्कुल सुबह इन पत्तियों को हाथ से चुना जाता है. उन्होंने कहा कि ये मौसम इसके उत्पादन के लिहाज से अनुकूल नहीं था. इसलिए इस बार सिर्फ़ 5 किलो ही मनोहरी गोल्ड टी का उत्पादन हुआ है.'

GTAC के सचिव विद्यानंद ने कहा कि 'दुनिया भर की किसी भी चाय नीलामी में संभवत: ये सबसे ऊंची क़ीमत की चाय है. ये हमारे लिए गर्व की बात है जो विशेष चाय के गढ़ के रूप में उभरा है.'

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उन्होंने कहा कि GTAC बेहतरीन गुणवत्ता की चाय बेचने वालों का मंच है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में अच्छी किस्म की चाय की मांग बढ़ी है. इससे चाय उत्पादकों में बेस्ट क्वालिटी की चाय के उत्पादन को लेकर प्रोत्साहन मिला है. हर साल देश में 1,325 मिलियन किलोग्राम चाय का उत्पादन होता है. इसमें से 630 मिलियन किलोग्राम चाय असम में ही प्रोड्यूस हुई थी.

ख़ैर, चाय के शौकीनों के इस देश में ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं. लेकिन जितने रुपये में ये एक किलो चाय आएगी, उतने में तो कुछ लोग कई सालों तक चाय पी सकते हैं.