मध्य प्रदेश में माफ़िया, गुंडे, बदमाशों पर शिकंजा कसा जा रहा है. इसी श्रृंखला में एक बड़े राशन स्कैम का पता चला है. Free Press Journal की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 79 लाख का स्कैम का ख़ुलासा हुआ है. 


इस दौरान भरत दवे, श्याम दवे और प्रमोद दहीगुड़े नाम के तीन 'राशन माफ़ियाओं पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत FIR दर्ज की गई है. इनके अलावा 31 लोगों पर भी शिकायत दर्ज की गई है. 

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India TV News की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कई दिनों से राशन घोटाले की शिकायतें मिल रही थी. इंदौर कलेक्टर, मनीष सिंह ने 12 राशन दुकानों की छान-बीन की, तो चौंकाने वाले फ़ैक्ट्स सामने आये. इस दौरान उन्हें ग़रीबों के राशन छीन लेने के कई सुबूत मिले. लगभग 50 हज़ार ग़रीब परिवारों का राशन दबा लेने की बात भी सामने आई.

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Free Press Journal की रिपोर्ट के अनुसार, कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि ग़रीबों को कोरोना के दौरान दिया जाने वाला राशन 'माफ़ियाओं' ने हड़प लिया. केन्द्र सरकार ने कम दामों में ये राशन दिया था. राशन स्कैम में शामिल, भरत दवे फ़ेयर प्राइस राशन शॉप एसोशिएशन का प्रेसिडेंट था. वहीं अन्य आरोपी श्याम दवे, भरत का क़रीबी बताया जा रहा है. तीसरे आरोपी, प्रमोद दहीगुड़े के नाम 3 फ़ेयर प्राइस शॉप हैं. 

हमने जिन 12 दुकानों की जांच की थी, उन दुकानों से 1,85,625 किलो गेहूं, 69,855 किलो चावल, 3,169 किलो नमक, 423 किलो चीनी, 2,201 किलो चना दाल, 1,025 किलो चना, 472 किलो तुअर डाल, 4050.5 लीटर केरोसीन की चोरी की गई.
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जांच में ये भी पता चला कि फ़ूड कन्ट्रोलर, आर.सी.मीणा भी इस घोटाले में शामिल था. मीणा को बर्ख़ास्त कर दिया गया है. मीणा को कई बार शिकायतें मिली थीं पर उसने ध्यान नहीं दिया.