रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने यस बैंक से अगले 1 महीने में निकासी की सीमा 50000 कर दी है. ये सीमा 5 मार्च, 2020 शाम 6 बजे से शुरू हुई और अप्रैल 3, 2020 तक रहेगा. बैंक में एक से ज़्यादा अकाउंट होने के बावजूद एक ग्राहक एक महीने में सिर्फ़ 50,000 निकाल सकता है.  


NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक़, यस बैंक पर कर्ज़ काफ़ी बढ़ गया था. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफ़ओ) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है. आरबीआई ने यस बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स को भंग कर दिया है.  

यस बैंक काफ़ी समय से घाटे में चल हा था. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक़, 15 महीने में इस बैंक के निवेशकों को 90% का घाटा हो चुका था.  


Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, यस बैंक कुछ परिस्थितियों में ये लिमिट एक्सीड कर सकते हैं. जैसे- मेडिकल इमरजेंसी, उच्च शिक्षा, शादी लेकिन ऐसी परिस्थिति में भी बैंक 5 लाख से ज़्यादा की निकासी की अनुमति नहीं दे सकता.  

Business Today की रिपोर्ट के मुताबिक़, 1 महीने तक यस बैंक कोई नया लोन न दे सकता है और न ही रिन्यू कर सकता है. इस समय अवधि में यस बैंक किसी तरह का निवेश नहीं कर सकता और न ही प्रॉपर्टी या एसेट ट्रांसफ़र या डिस्पोज़ कर सकता है. 

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई, यस बैंक को रिवाइव करने के लिए बैंकों की Consortium (सहायता संघ) बना सकता है.   

पिछले साल सितंबर में पीएमसी बैंक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. मुंबई के इस बैंक की गतिविधियों पर RBI ने 6 महीने का प्रतिबंध लगाया था. पहले तो आरबीआई ने ग्राहकों को 6 महीने में सिर्फ़ 1 हज़ार निकालने की अनुमति दी थी जिसे बढ़ाकर बाद में 25 हज़ार कर दिया गया था.  

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