भारत में हर साल 62 मिलियन टन कचरा निकलता है, जिसमें से 60 % को इकट्ठा करता है और 15 % को प्रोसेस करता है. कचरे का एक बड़ा हिस्सा इधर-उधर फेंक दिया जाता है.

Source: NDTV

Kishore Chandran नाम के एक ट्विटर यूज़र ने एक तस्वीर अपलोड कि जिसमें जंगली इलाके में कूड़े का ढेर पड़ा हुआ है और एक बारह सिंघा उसमें खाना ढूंढ रहा है.

उस तस्वीर के ख़बरों में आने के बाद उसकी पड़ताल हुई तो पता चला वो जगह तमिलनाडु के Theetukal के पास नीलगिरी के जंगल की है, जंगल के इस इलाके को नगर पालिके के हवाले कर दिया गया है और उन्होंने उस ज़मीन को डंपिंग ग्राउंड बना दिया.

जंगली जानवर वहां कचरे के ढेर में फेंका हुआ खाना, सब्ज़ी आदि ढूंढने आते हैं. नगर पालिका इस डंपिंग ग्राउंड में मरे हुए जानवरों को फेंकती है.

ScoopWhoop से हुई बातचीत में Kishore Chandran ने बताया कि ये जगह निलगिरी ज़िले से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है और जंगल से घिरा हुआ है. स्थानिय लोग आये दिन कचरे के ढेर में हाथी, तेंदुआ, हिरण आदि को देखते हैं.

आपको बता दें कि ऊटी एक मशहूर पर्यटन स्थल है, साल 2002 में ही यहां प्लास्टिक बैन कर दी गई थी, बावजूद इसके जंगल की ऐसी तस्वीर दुखदायी है.