मंगलवार को 17वें लोकसभा के चुनाव में चुने गए सभी सांसद संसद में शपथ ग्रहण कर रहे थे. इस दौरान भी माहौल गहमा-गहमी का रहा. दोनों ओर से खूब नारेबाज़ी हुई. नारे पार्टी के नहीं लगे, धर्म के लगे.

जब कोई सांसद शपथ लेने के लिए उठता, तो लोकसभा में जय श्री राम, जय मां काली, अल्लाह-हु-अकबर आदि के नारे लगने लगते. एक स्वतंत्र सासंद तो शपथ लेने के बाद 'इंक़लाब ज़िंदाबाद' के नारे लगने लगे.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से चुने गए सांसद असदुद्दीन औवेसी अपनी सीट से उठ कर पोडियम की ओर शपथ लेने जा रहे थे, तब सत्ता पक्ष के सांसद भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम् के नारे लगाने लगे. जवाब में ओवैसी ने जय भीम, जय मीम, तकबीर अल्लाह-हु-अकबर, जय हिंद के नारे लगाएं.

कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी जब हिन्दी में शपथ ले रही थीं, तब भी 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगे.

ट्विटर पर कई लोगों ने सांसदों के इस बर्ताव की निंदा और आलोचना की.

संसद के इस माहौल पर आपकी क्या राय है, क्या सासंदों के इस बर्ताव को जायज़ ठहराया जा सकता है?