समलैंगिक जोड़ों के लिए ज़िन्दगी कितनी कठिन होती है इसका हम सिर्फ़ अंदाज़ा लगा सकते हैं. समलैंगिक जोड़ों को समाज तो दूर की बात उनका अपना परिवार ही नहीं अपनाता. LGBTQ+ समुदाय के लोगों को हर रोज़ शारीरिक, मानसिक अब्यूज़ से गुज़रना पड़ता है. 

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उत्तर प्रदेश से समलैंगिक जोड़े के साथ होने वाली एक दिल दहला देने वाली ख़बर समाने आई है. Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, होमोफ़ोबिया के शिकार एक परिवार ने समलैंगिक जोड़े को बांधकर रखा था. इस लेस्बियन जोड़े के साथ मार-पीट भी कई गई.  

पुलिस को उनकी हालत के बारे में तब पता चला जब दोनों महिलाओं में से एक महिला, घर की दिवार कूदकर ठाकुरगंज पुलिस थाने पहुंची और पुलिस से मदद मांगी.

मामले की गंभीरता को समझते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने संज्ञान लिलया और सीनियर ऑफ़िसर्स ने मामले पर तुरंत कार्रवाई की. पुलिस की एक टीम तत्कालीन प्रभाव से दुबग्गा पहुंची और दूसरी महिला को छुड़ाकर थाने ले आई.   

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रिपोर्टर्स से बात-चीत करते हुए एसीपी आई.पी.सिंह ने कहा कि दोनों महिलाओं के परिवारों को थाने बुलाया गया और उनकी काउंसिंलिंग की गई. दोनों परिवारों को बताया गया कि पुलिस सेम सेक्स जोड़े को संरक्षण देती है और अगर दोनों महिलाएं शिकायत करती हैं तो परिवारों पर क़ानूनी कार्रवाई होगी.

दोनों में से एक महिला ने बताया कि वो दोनों वयस्क हैं और इतना कमा लेते हैं कि अपना गुज़ारा कर सकें. दोनों महिलाओं ने एकसाथ रहने की इच्छा ज़ाहिर की.  

महिला ने ये भी बताया कि पिछले साल दोनों ने बुद्धेश्वर मंदिर में शादी कई थी.

इस घटना के बाद तो यही लगता है कि इस दुनिया से होमोफ़ोबिया ख़त्म होने में काफ़ी वक्त लगेगा.