ज़िंदगी में किसी भी ऊंचाई पर पहुंचने के लिए शिक्षा बहुत ज़रूरी है. शिक्षा की ताक़त से किसी भी वर्ग का इंसान सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और शिक्षा कभी किसी में भेदभाव नहीं करती बस लगन होनी चाहिए. साथ ही सरकारी और प्राइवेट स्कूल का भी बेदभाव ख़त्म हो रहा है. आज सरकारी स्कूल के बच्चे इतना अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि मनीष सिसोदिया के ट्वीट ने की है. दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने 94.24 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. रिज़ल्ट पिछले साल के मुकाबले 3.61% बढ़ा है.

ये लगन दिखाई है एक कुक की बेटी सना ने, जिसकी इतने दिनों की मेहनत रंग लाई है. सना सर्वोदय कन्या विद्यालय की छात्रा हैं, उन्होंने परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. सना ने न केवल शहर के सरकारी स्कूल के छात्रों के बीच टॉप किया है, बल्कि समग्र टॉपर भी हैं. उसने इतिहास में 100, होम साइंस में 98 और अंग्रेज़ी और राजनीति विज्ञान में 96 अंक हासिल किए.

सना ने The IndianExpress को बताया,

मैं अच्छा करूंगी ये विश्वास था, लेकिन टॉपर बनूंगी ये किसी सपने जैसा है. ये मेरे माता-पिता, शिक्षकों और मेरे स्कूल की कड़ी मेहनत और निरंतर समर्थन का परिणाम है. मैंने आज तक कभी ट्यूशन नहीं लिया हैै. मेरी बहनों ने मझे पढ़ाई में पूरा सपोर्ट किया. पढ़ाई में किसी भी तरह की परेशानी होने पर बहनें हमेशा मदद करती थीं. मैं सेंट स्टीफ़न कॉलेज से बीए के बाद सिविल सर्विसेज़ की तैयारी करूंगी. मेरी बड़ी बहन हिंदू कॉलेज की छात्रा हैं, उन्होंने 12वीं कक्षा में 93% अंक प्राप्त किए थे.

- Sana Niyaz

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सना की बहन इक़रा ने बताया,

उनके रिश्तेदार हमेशा उनके माता-पिता से लड़कियों को कम पढ़ाने के लिए कहते थे ज्यादा न पढ़ाने की बात कहते हैं. लेकिन उनके माता-पिता ने कभी लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दिया.
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सना की सफ़लता पर उनके माता-पिता काफ़ी ख़ुश हैं उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. सना की मां आसमां परवीन कहती हैं

उनके बच्चों की शिक्षा उनके लिए बेहद ज़रूरी है, बल्कि अपनी बेटियों की पढ़ाई के कारण आज वो अपनी एक बेटी के स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की चेयरपर्सन हैं.

आपको बता दें, सना के पिता जवाहर रेस्टोरेंट के नाम से मशहूर मतिया महल में खाना बनाने का काम करते हैं जबकि उनकी मां हाउस वाइफ़ हैं. सना के माता-पिता ने आठवीं तक शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन वो अपनी बेटियों को अच्छी तालीम दिला रहे हैं.

सना के स्कूल सर्वोदय कन्या विद्यालय में 100% छात्र बोर्ड परीक्षा में सफ़ल हुए हैं. पिछले तीन सालों से स्कूल ने ये रिकॉर्ड बना रखा है. कक्षा 12वीं में इस साल 83.4 % छात्रों ने सफ़लता हासिल की.